'पूर्व फ़ौजी के लापता होने में विदेशी एजेंसियों का हाथ'

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Image caption 2014 में पाकिस्तानी सेना से रिटायर हो गए थे मोहम्मद हबीब ज़हीर

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफ़ीस ज़कारिया ने कहा कि नेपाल से पूर्व पाकिस्तानी सेनाधिकारी के ग़ायब होने के मामले में विदेशी एजेंसियों का हाथ होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है.

पाकिस्तान के रिटायर्ड कर्नल मोहम्मद हबीब ज़हीर कथित तौर पर नेपाल भारत सीमा पर स्थित लुंबिनी शहर से हफ़्ते भर पहले लापता हो गए थे.

उनके बेटे ने एफ़आईआर दर्ज कराई है और शक जताया जा रहा है कि दुश्मन देशों की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने उन्हें अगवा कर लिया है.

नफ़ीस ज़कारिया ने कहा कि हबीब ज़हीर को नेपाल में फंसाया गया है.

नेपाल में लापता पूर्व पाकिस्तानी फ़ौजी का सुराग नहीं

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारी नेपाल की सरकार से संपर्क में हैं और नेपाल सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जांच में हर संभव मदद करेगी.

नेपाल पुलिस के एसएसपी दीपक थापा ने बीबीसी से कहा कि पुलिस को अब तक हबीब ज़हीर के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है.

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उन्होंने बताया कि पुलिस उस शख्स की तलाश कर रही है जो लुंबिनी के पास भैरवा हवाई अड्डे पर हबीब ज़हीर को लेने आया था.

दीपक थापा ने बीबीसी नेपाली को बताया, "हम पुष्टि कर सकते हैं कि उन्होंने काठमांडू से भैरावा तक घरेलू फ़्लाइट में सफ़र किया. सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि कोई उन्हें लेना आया जिनकी पहचान की जा रही है."

नेपाली पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी से मिले फ़ुटेज के मुताबिक जब हबीब ज़हीर निकल रहे थे तो उनके पास एक बैकपैक था और हाथ में एक बैग. वो एक अज्ञात व्यक्ति से बात कर रहे थे और फिर दोनों साथ निकल गए.

2014 में पाकिस्तानी सेना से रिटायर होने के बाद मोहम्मद हबीब ज़हीर फ़ैसलाबाद में नौकरी कर रहे थे.

पाकिस्तानी जांचकर्ताओं ने बताया कि हबीब ज़हीर के ईमेल्स की छानबीन से पता चलता है कि मार्च महीने में 'स्टार्ट सॉल्यूशन' नाम की वेबसाइट से मार्क थॉमसन ने संपर्क किया था और ईमेल के ज़रिए 3,500 से 8,500 डॉलर की तनख्वाह पर वाइस प्रेसिडेंट और ज़ोनल निदेशक (सुरक्षा) की नौकरी की पेशकश की थी.

पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक़ हबीब ज़हीर इसी सिलसिले में नेपाल गए थे और वहां लापता हो गए.

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