ज़िंदा रहने के लिए इस शख़्स को क्या-क्या करना पड़ा

  • 14 अप्रैल 2017
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जेसन जब 27 के थे तब उनकी नौकरी चली गई. उनके पास मकान का किराया देने के पैसे तक नहीं थे. जेसन की स्थिति पूरी तरह से बिगड़ चुकी थी. उन्होंने बीबीसी से कहा कि वह घबराए हुए थे और उन्हें लगा कि उनकी ज़िंदगी बुरी तरह से बिखर चुकी है.

जेसन ने कहा, ''लंदन में दो महीने सड़क पर रहने के बाद मुझे एक घर में रहने का मौक़ा मिला लेकिन किराए के बदले मुझसे सेक्स करने को कहा गया. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ ये सब होगा. मेरे पास एक सम्मानजनक नौकरी थी लेकिन वो जाने के बाद मुझे ये सब करना पड़ा."

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जेसन ने कहा, ''मैंने एक ऑनलाइन विज्ञापन देखा, जिसमें हर महीने शून्य और 300 पाउंड के बीच किराए पर एक कमरे की बात थी. मैं ख़ुद्दार था और दोस्तों से मदद लेना मुझे गवारा नहीं था. मेरे परिवार के साथ भी मेरे संबंध ख़राब थे जब से उन्हें पता चला था कि मैं गे हूं."

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जेसन ने उस ऑनलाइन विज्ञापन पर दिए पते पर जब संपर्क साधा तो मकान मालिक ने उन्हें बताया कि उन्हें लोगों से बिस्तर साझा करना होगा. उन्होंने बताया, ''यह एक व्यवस्था के रूप में शुरू हुआ जहां मुझे एक हफ़्ते में उनसे दो से तीन बार सेक्स करना था.''

जेसन ने कहा, ''यह मेरे लिए कोई सुखद नहीं था. यह ख़ुद को बचाए रखने के लिए था. मैंने वो सब कुछ किया जिससे ज़िंदा रहा जा सकता है. जल्द ही उसने और पुरुषों को मेरे साथ बिस्तर साझा करने के लिए बुलाया.''

उन्होंने कहा, ''मैं फर्श पर सोता था और वे मेरे साथ सेक्स करते थे. यहां ड्रग्स पार्टी भी होने लगी. यह सब कुछ करीब छह महीने तक रहा.''

'मैंने आख़िरकार लंदन छोड़ दिया और फिर अलबेयर नाम की चैरिटी से मेरा संपर्क हुआ. यहीं से मुझे अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिली. इन्होंने रात के नौ बजे से सुबह आठ बजे तक रहने के लिए एक जगह की व्यवस्था कराई.'

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जेसन ने कहा, ''मैंने केवल एक करीबी दोस्त को अपने बारे में बताया था. आख़िर में उसने मुझे फिर से लंदन रहने के लिए बुलाया. उसने मुझे तब तक रखा जब तक कि मुझे कोई अपना ठिकाना नहीं मिल गया. मैं उसे लेकर अपने जीवन में काफी आभार महसूस करता हूं.''

जो लोग ऐसे विज्ञापन चला रहे हैं वे बेबस लोगों से फ़ायदा उठा रहे हैं. जेसन ने कहा कि उनका आत्मविश्वास धीरे-धीरे लौटा. उन्होंने कहा, ''मैंने फिर से अपने जीवन में वापसी की. मैं सच में बेघरों की मदद करना चाहता हूं क्योंकि उनकी तकलीफ को समझता हूं.''

जेसन ने कहा, ''आपके पास वाकई कुछ होता नहीं है जिसे अपने साथ ले जा सकते हैं. आप शाम में असुरक्षा के कारण सोना नहीं चाहते हैं. दिन में सोना ज़्यादा सुरक्षित है. आपका कोई तय पता नहीं होता है जिससे कि कोई मदद मिल सके.''

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