अमरीकाः क्रूरता बरतने के आरोप में महिला डॉक्टर गिरफ़्तार

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Image caption डॉक्टर जुमाना नगरवाला

अमरीका के डेट्रॉयट शहर में एक महिला डॉक्टर पर बच्चियों के जेनिटल म्यूटिलेशन यानी ख़तना करने का आरोप लगाया गया है.

अमरीका में अपनी तरह का ये पहला मामला माना जा रहा है.

सरकारी वकीलों के मुताबिक डॉक्टर जुमाना नगरवाला पर छह से आठ साल की बच्चियों के जननांगों से छेड़छाड़ करने का आरोप है.

वकीलों के मुताबिक जुमाना नगरवाला करीब 12 साल से ये काम कर रही थीं.

अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी मिलने के बाद जुमाना नगरवाला से इसके बारे में पूछताछ की गई.

डॉक्टर जुमाना नगरवाला भारतीय मूल की बताई जा रही हैं.

अगर वो इस मामले में दोषी पाई गईं तो उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा मिल सकती है.

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Image caption 1996 में अमरीका में बच्चियों के ख़तना को ग़ैरकानूनी घोषित किया गया था.

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जांचकर्ताओं से पूछताछ में जुमाना नगरवाला ने इससे इनकार किया था.

लेकिन सरकारी वकीलों का कहना है, ''वो बहुत मासूम बच्चियों पर इस तरह की क्रूरता बरतने वाले वीभत्स काम में शामिल रही हैं.''

जुमाना नगरवाला को डेट्रॉयट की संघीय अदालत में पेश किया गया और उन्हें हिरासत में भेज दिया गया है.

अमरीका के कार्यकारी एटर्नी जनरल डेनिएल लेमिश ने कहा, " ख़तना बच्चियों और औरतों पर की जाने वाली एक बहुत क्रूर किस्म की हिंसा है. अमरीका में ये गंभीर अपराध है. "

दुनिया के कई हिस्सों में होता है ख़तना

अमरीका में महिलाओं के ख़तने का पहला मामला 2006 में सामने आया था जब इथियोपियाई मूल के आप्रवासी को अपनी दो साल की बच्ची के जननांग को कैंची से काटने के लिए 10 साल की सज़ा सुनाई थी.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 20 करोड़ बच्चियां और महिलाएं दुनिया भर में किसी न किसी तरह से खतना की शिकार हो चुकी हैं. इनमें से आधी मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया में हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि इन महिलाओं के साथ जननांग के ऊपरी हिस्से के थोड़े से भाग को काटने से लेकर पूरे हिस्से को ही काट कर अलग कर देने की घटना हुई है.

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