ट्रंप के टैक्स को लेकर पूरे अमरीका में प्रदर्शन

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अमरीका भर में राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के खिलाफ़ उनके इनकम टैक्स दस्तावेज़ सार्वजनिक न करने के विरोध में प्रदर्शन किए गए.

150 से अधिक शहरों में विरोध रैलियां निकाली गईं. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने आयकर से संबंधित दस्तावेज़ सार्वजनिक करें.

वॉशिंगटन, लॉस एंजिल्स, न्यूयॉर्क और शिकागो समेत कई शहरों में हज़ारों लोगों ने इन प्रदर्शनों में भाग लिया.

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न्यूयॉर्क में 5 हज़ार से अधिक प्रदर्शनकारियों ने ब्रायंट पार्क में रैली के बाद मार्च निकाला जो फ़िफ़्थ एवेन्यू स्थित ट्रंप टावर के पास ख़त्म हुआ.

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न्यूयॉर्क की विभिन्न सड़कों से गुज़रते हुए इस मार्च में शहर के कई नेताओं के अलावा मानवाधिकार कार्यकर्ता समेत शहर और आसपास के इलाकों से महिलाएं, बुज़र्ग और बच्चे सभी शामिल थे.

प्रदर्शनकारी ट्रंप के खिलाफ़ नारे लगा रहे थे. कुछ कह रहे थे - नॉट माई प्रेसिडेंट, तो कुछ कह रहे थे - शो मी योर टैक्सेस.

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प्रदर्शनकारियों ने इसी तरह के नारों वाले पोस्टर और बैनर भी थामे हुए थे जिनपर ट्रंप के विरोध में नारे लिखे थे और यह मांगें भी लिखी थी कि ट्रंप अपने टैक्स के पेपर्स सार्वजनिक करें. कुछ पर लिखा था कि डोनल्ड ट्रंप क्या छिपा रहे हैं?

कैलिफ़ोर्निया में रैली के दौरान कुछ ट्रंप विरोधियों और ट्रंप समर्थकों के बीच झड़पों की खबरें हैं. वहां पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ़्तार भी किया है.

लेकिन न्यूयॉर्क में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा.

रैली में शामिल एक अमरीकी महिला स्टेफ़नी कोगन का कहना था, "हम तो चाहते हैं कि डोनल्ड ट्रंप अपने टैक्स के पेपर्स सार्वजनिक करें और प्रशासन में पारदर्शिता लाएं. वह अपने टैक्स पेपर्स सार्वजनिक नहीं कर रहे तो लगता है वह कुछ छिपा रहे हैं या फिर हमारी आंख में धूल झोंक रहे हैं."

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राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी चुनावी मुहिम के दौरान ही कह दिया था कि उनके टैक्स का आयकर विभाग ऑडिट कर रहा है इसलिए वह अपने दस्तावेज़ सार्वजनिक नहीं कर सकते.

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और चुनाव जीतने के बाद से राष्ट्रपति ट्रंप का कहना रहा है कि उन्होंने चुनाव जीत लिया है और लगता है कि जनता को उनके इनकम टैक्स के पेपर्स में कोई दिलचस्पी नहीं है इसलिए अब उन्हें पेपर्स सार्वजनिक करने की कोई ज़रूरत महसूस नहीं.

अमरीका में इस वर्ष 18 अप्रैल को इनकम टैक्स के रिटर्न जमा करने की आखिरी तारीख है.

राष्ट्रपति ट्रंप पर दबाव डालने के लिए ये प्रदर्शन आयोजित किए गए.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इनकम टैक्स के रिटर्न सार्वजनिक नहीं होने से यह पता नहीं चलता है कि राष्ट्रपति ट्रंप के किन लोगों से व्यावसायिक संबंध हैं और उनकी नीतियों से उनके व्यापारिक संबंधी कहीं फ़ायदा तो नहीं उठा रहे हैं.

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कई लोग यह भी सवाल करते नज़र आए कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इनकम टैक्स अदा भी किया है कि नहीं और कुछ का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इनकम टैक्स से जनता का ध्यान बंटाने के लिए ही सीरिया और अफ़गानिस्तान में बमबारी करवाई.

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रैली में शामिल एक प्रदर्शनकारी डैरन को भी कोई उम्मीद नहीं कि ट्रंप अपने टैक्स दस्तावेज़ जनता के सामने रखेंगे.

वह कहते हैं, "मुझे तो कतई कोई उम्मीद नहीं है कि वह अपने टैक्स के दस्तावेज़ सार्वजनिक करेंगे क्योंकि वह जानते हैं कि उनके समर्थकों में से कोई इसके लिए उनपर दबाव नहीं डाल रहा है और उन्हें इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि बाक़ी जनता क्या सोच रही है. यह हताश करने वाला समय तो है ही हमारे देश में."

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप को कानूनी तौर पर टैक्स के दस्तावेज़ सार्वजनिक करने के लिए बाध्य भी नहीं किया जा सकता है.

प्रदर्शनकारी ट्रंप को यह ज़रूर याद दिलाते हैं कि पिछले 40 वर्षों से हर राष्ट्रपति ने अपने टैक्स के दस्तावेज़ सार्वजनिक किए और उन्हें भी यह रवायत कायम रखनी चाहिए.

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