नवाज़ शरीफ़, परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों की विस्तृत जांच होगी- पाक सुप्रीम कोर्ट

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पाकिस्तान में बहुचर्चित पनामा लीक्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को पद के अयोग्य ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की ज्वाइंट इनवेस्टिंगेशन टीम से जांच का आदेश दिया है.

पनामा लीक्स मामले में नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार के विदेशों में खातों और बिज़नेस पर सवाल उठाए गए थे. नवाज़ शरीफ़ के चार में तीन बच्चों के नाम पनामा पेपर्स में इन खातों से जोड़े गए थे.

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नवाज़ शरीफ़ और उनका परिवार इन आरोपों को ख़ारिज कर चुके हैं.

जांच के लिए दो महीने का वक्त

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बीबीसी उर्दू संवाददाता फ़रहत जावेद के मुताबिक, कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए छह सदस्यों की संयुक्त जांच समिति बनाने का आदेश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सईद खोसा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय बेंच के तीन जजों ने संयुक्त जांच दल से दो महीने में जांच पूरी करने के लिए कहा है.

फ़ैसले पर बेंच में मतभेद

सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच में से दो जजों ने प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के ख़िलाफ़ फ़ैसला सुनाया जबकि तीन जजों ने आगे जांच करने का आदेश दिया.

नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ (एन) ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. उनकी बेटी मरियम ने एक ट्वीट में इस फैसले की सराहना की है.

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Image caption मरियम शरीफ़ को इस मामले में पिता नवाज़ शरीफ़ की सलाहकार के तौर पर देखा जा रहा है.

जांचकर्ता अब इस बात की पड़ताल करेंगे कि नवाज़ शरीफ़ के परिवार के सदस्यों ने क़तर धन कैसे भेजा.

इस्लामाबाद में सुप्रीम कोर्ट के आसपास लगभग 1500 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, आसपास जुटे प्रदर्शनकारी नवाज़ शरीफ़ के इस्तीफ़े की मांग के साथ 'गो नवाज़ गो' नारे लगा रहे थे.

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