साइकिल चलाने से कम होगा कैंसर का ख़तरा

  • 21 अप्रैल 2017
इमेज कॉपीरइट Thinkstock

क्या आप लंबी ज़िंदगी जीना चाहते हैं? कैंसर के ख़तरे को कम करना चाहते हैं? तो साइकिल आपके लिए फ़ायदेमंद है. ये वैज्ञानिकों का कहना है.

अध्ययन के मुताबिक साइकिल के उपयोग से दिल की बीमारी और कैंसर की आशंका कम हो जाती है.

ब्रिटेन में नियमित आने-जाने वाले ढाई लाख लोगों पर किया गया अध्य्यन ये दिखाता है कि सार्वजनिक परिवहन में बैठने या कार में सफ़र करने के मुक़ाबले पैदल चलना ज़्यादा फ़ायदेमंद है.

ग्लासगो की टीम का कहना है कि एक बार नियमित कामकाज का हिस्सा बनने के बाद साइकिल चलाने के लिए किसी इच्छाशक्ति की ज़रूरत नहीं होती जैसे कि जिम जाने के लिए होती है.

पांच साल के अध्ययन में सक्रिय रहने वाले लोगों की तुलना उन लोगों से की गई जो अधिकतर स्थिर रहते हैं.

अगर आप भी कसरत नहीं करते तो सावधान!

कैंसर मरीज़ की साइकिल रेस में मौत

इमेज कॉपीरइट Thinkstock

सक्रिय यात्री

कुल मिलाकर जिन लोगों का अध्य्यन किया गया उनमें से 2430 लोगों की मौत हो गई, 3748 लोगों को कैंसर हुआ, 1110 लोगों को दिल से जुड़ी समस्याएं दिखाई दीं.

लेकिन अध्ययन के दौरान देखा गया कि लगातार साइकिल चलाने से किसी भी वजह से होने वाली मौत का ख़तरा 41 प्रतिशत तक कम हो जाता है. इनमें कैंसर के मामले 45 प्रतिशत और दिल की बीमारी के मामलों में 46 प्रतिशत हैं.

इनमें साइकिल चलाने वालों ने एक हफ़्ते में औसतन क़रीब 48 किलोमीटर साइकिल चलाई, लेकिन इसके आगे भी उन्होंने जितनी साइकिल चलाई वोउनकी सेहत के लिए वो वरदान साबित हुआ.

पैदल चलने से दिल की बीमारी विकसित होने में कमी आई, लेकिन फ़ायदा सिर्फ़ उन्हीं को हुआ जो हफ़्ते में क़रीब 10 किलोमीटर चलते थे.

इमेज कॉपीरइट NCOLLEY

ग्लासगो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. जेसन गिल ने बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट को बताया, ''ये सीधा सबूत है कि जो लोग क्रियाशील तरीकों से सफ़र करते हैं, ख़ासतौर से साइकिल से, उनको ख़तरा कम होता है. आपको रोज़ काम पर जाना है तो अगर आप साइकिल को उसका हिस्सा बना लें तो इच्छाशक्ति का सवाल ही नहीं उठता. हमें साइकिल के इस्तेमाल की आदत को आसान बनाने के लिए सिर्फ अपना बुनियादी ढांचा बदलना है, हमें एक अलग लेन की ज़रूरत है जिससे ट्रेन में साइकिल रख सकें.''

वो लोग जो साइकिल और सार्वजनिक परिवहन दोनों में सफ़र करते हैं उनकी सेहत में भी इसके फ़ायदे नज़र आए.

इमेज कॉपीरइट NUOVA SOCIET PIEMONTESE AUTOMOBILI

सांस फूलना

जिस तरह से ये अध्य्यन ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया, इसका मतलब था स्पष्ट कारण और असर का निर्धारण करना संभव नहीं है.

हालांकि धूम्रपान, खान-पान और मोटापे जैसे अन्य संभावित प्रभावों के आंकड़ों को हटाने के बाद भी इसका असर था.

जिस तरह से अध्ययन ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया था, इसका अर्थ था कि स्पष्ट कारण और प्रभाव का निर्धारण करना संभव नहीं है.

इसका मतलब है कि अध्ययन के मुताबिक़ साइकिल चलाने से कैंसर का ख़तरा कम हो जाता है, वज़न कम करने से नहीं हो सकता.

व्यायाम के तौर पर साइकिल चलाने को घूमने से बेहतर माना जाता है, हालांकि दोनों ही तेज़ होते हैं.

ब्रिटेन के कैंसर रिसर्च के क्लेयर हायड का कहना है, ''ये अध्य्यन आपकी दिनचर्या में क्रियाशीलता के संभावित लाभों को उजागर करने में मदद करता है. आपको जिम जाने या मैराथॉन दौड़ने की ज़रूरत नहीं है. कुछ भी जो आपके शरीर को थोड़ा गर्म करे और आपकी सांस फूलने लगे, चाहे वो साइकिलिंग हो या घर का कोई काम, आपकी मदद करता है.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे