'मेरे पुलिस वाले पति को हाथ मत लगाना'

  • 22 अप्रैल 2017
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पेरिस में पुलिसवालों की 100 से ज़्यादा पत्नियां और पार्टनर शॉ एलीज़े में हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं. इस हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी.

नाराज़ पत्नियों ने पूरे शहर में मार्च निकाला. दो दिन पहले हुए हमले में आरोपी करीम शेउर्फी ने पुलिस ऑफ़िसर ज़ेवियर को सिर पर दो गोली मारी थीं जिससे उनकी मौत हो गई.

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हमले में दो और पुलिस भी घायल हुए थे, इसके बाद शेउर्फ़ी को पुलिस ने गोली मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

अभियोजन का कहना है कि हत्यारे ने बोला था कि वो पुलिस को मारना चाहता था लेकिन उसके इस्लामिक कट्टरवाद होने की कोई स्पष्ट कड़ी नहीं मिली है.

उसके शव के पास इस्लामिक स्टेट का बचाव करने वाली कथित चिट्ठी मिली थी.

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रविवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के प्रत्याशियों पर आरोप लगाया गया कि वो हमले का राजनीतिक लाभ ले रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिनपर लिखा था ''मेरे पुलिस अधिकारी को हाथ मत लगाना." जो कि एक जाने पहचाने फ्रेंच नस्लविरोधी नारे की तर्ज पर बना.

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एक तख़्ती पर लिखा था, ''काफ़ी पुलिस अधिकारी मारे और जलाए जा चुके हैं.''

इसका संबंध ना सिर्फ़ ज़ेवियर की मौत से है बल्कि पिछले साल अक्टूबर में पेरिस के एक उपनगर में पुलिस की एक कार पर हमला भी था जिसपर संदिग्ध ड्रग डीलरों ने हमला किया था जिसमें चार पुलिस वाले सवार थे.

हमले में दो पुलिस वाले गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

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हाल में पुलिस पर लगे क्रूरता के आरोपों को लेकर हुए प्रदर्शन में पुलिस वाले घायल हुए थे.

पिछले महीने एक पुलिस ने एक चीनी व्यक्ति को गोली मार दी थी जिसके बाद हुए प्रदर्शन में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

फरवरी में प्रदर्शनकारियों ने फ्रेंच पुलिस वाले द्वारा एक काले युवा के कथित बलात्कार के आरोप में नाराज़ होकर पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया था.

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