कड़ी सुरक्षा के बीच फ्रांस में जारी है मतदान

  • 23 अप्रैल 2017
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फ्रांस में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए मतदान चल रहा है. तीन दिन पहले पेरिस में हुए हमले के चलते वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है.

मतदाताओं की सुरक्षा के लिए 50 हज़ार पुलिसकर्मी और सात हज़ार सैनिकों को तैनात किया गया है.

अगले राष्ट्रपति पद के लिए 11 उम्मीदवार हैं. जैसी की उम्मीद की जा रही है अगर कोई भी इस पहले चरण में 50 प्रतिशत वोट से नहीं जीतता तो सबसे ज़्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे चरण में मुक़ाबला होगा.

फ्रांस: राष्ट्रपति चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा

पेरिस में राष्ट्रपति चुनाव से पहले 'चरमपंथी हमला'

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उम्मीदवारों में कड़ा मुक़ाबला

फ्रांस में मतदान केंद्र स्थानीय समय के मुताबिक़ सुबह 8 बजे खुल गए. मतदान रात 8 बजे तक चलेगा. जिसके बाद एक्ज़िट पोल के नतीजे आ सकते हैं.

हालांकि विदेशों में रह रहे फ्रांसीसी नागरिकों ने शनिवार को अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है.

चार उम्मीदवार राष्ट्रपति पद की दौड़ में आगे देखे जा रहे हैं. ये हैं दि रिपब्लिकन्स के फ्रांस्वा फ़ियो, दक्षिण पंथी नेता नेशनल फ्रंट की मैरीन ल पेन, एन मार्श के इमैनुएल मैक्रों और ला फ़्रांस इनसोमाइज़ के जां लुक मेलाशों.

इन उम्मीदवारों ने देश कई तरह की बहस छेड़ीं, सभी ने नाटकीय ढंग से यूरोप, इमिग्रेशन, अर्थव्यवस्था और फ्रेंच नागरिकता पर अपने अलग अलग दृष्टिकोण दिए.

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राष्ट्रीय सुरक्षा बड़ा मुद्दा

तीन दिन पहले शाँ एलीज़े में हुए हमले के आरोपी करीम शेउर्फी के मारे जाने के बाद मतदान केंद्रो पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

शउर्फी को सुरक्षा कर्मियों ने मार दिया था, उनके शव के पास एक चिट्ठी मिली थी जिसमें कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट का पक्ष लिया गया था.

चुनाव अभियान के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को एक बड़ा मुद्दे को तैर पर उठाया गया था, लेकिन हाल के हमले के बाद उम्मीदवारों पर इसका राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश करने के आरोप लगाए गए थे.

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दूसरे चरण का चुनाव 7 मई को

प्रमुख दावेदारों के बीच कड़ा मुक़ाबला माना जा रहा है.

हालांकि पहले चरण में किसी भी उम्मीदवार के 50 प्रतिशत वोट से जीतने की उम्मीद नहीं की जा रही है.

सबसे अधिक वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे चरण का मतदान 7 मई को होगा.

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सत्ताधारी पार्टी की ओर से फ्रांस्वा फ़ियो आगे चल रहे इकलौते उम्मीदवार हैं.

इसी पार्टी के राष्ट्रपति पद के सोशलिस्ट उम्मीदवार बेवना एमो को दौड़ से बाहर देखा जा रहा है.

वर्तामान राष्ट्रपति फ्रास्वा ओलांद ने अपनी अलोकप्रियता के चलते पद के दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव नहीं लड़ा. धुनिक फ्रांस में ऐसा करने वाले वो पहले राष्ट्रपति हैं.

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