ट्रंप के 100 दिन पूरे, क्या कहते हैं अमरीकी वोटर्स

  • 25 अप्रैल 2017
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Image caption अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप

डोनल्ड ट्रंप के अमरीकी राष्ट्रपति बनने के बाद से मैं अमरीकी मतदाताओं से बात कर रही हूं.

इसमें ट्रंप की रैलियों में शामिल होने वाले वोटर्स से लेकर खाने की टेबल और हवाई सफर के दौरान मिलने वाले 20 से ज़्यादा अमरीकी प्रांतों के मतदाताओं से हुई बातचीत शामिल है.

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तो सवाल ये है कि अब जबकि राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में अपने 100 दिन पूरे करने वाले हैं तो अमरीकी मतदाता उन्हें कैसे देखते.

58 वर्षीय जेन बैरी से मेरी मुलाकात बीते साल अक्तूबर में उनके अरकंसास स्थित घर में हुई थी. बैरी रिपब्लिकन पार्टी की पुरानी समर्थक हैं. लेकिन उनकी नज़र में उनकी अपनी पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अशिष्ट थे. इसके बावजूद बैरी ने ट्रंप को अपना वोट दिया.

वे कहती हैं, "मैंने बहुत सोचा और जिस चीज़ ने मुझे वोट देने में सबसे ज़्यादा मदद की वो चीज़ गर्भपात पर हिलेरी क्लिंटन के विचार थे. मुझे ट्रंप को वोट देने का पछतावा नहीं हुआ है. हालांकि, उन्होंने कई ऐसे काम किए हैं जो शर्मिंदगी से भरे हैं."

ट्रंप के समर्थन की वजह

बैरी और उन जैसे तमाम मतदाता अब भी ट्रंप का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि ट्रंप ने नील गॉर्सच जैसे रूढ़िवादी जज को सुप्रीम कोर्ट के लिए नामांकित किया.

अमरीकी प्रांत आयोवा के ग्रामीण इलाके में रहने वाली बेथ हॉवर्ड, हिलेरी क्लिंटन की समर्थक थीं. ट्रंप पर राय देने वाले 100 लोगों में से कई अन्य डेमोक्रेट्स की तरह वे भी ट्रंप प्रशासन में किसी भी तरह की सकारात्मकता नहीं देखती हैं.

वे कहती हैं कि अब वे पहले से कहीं अधिक निराशावादी हो गई हैं.

फ़्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की 18 वर्षीय छात्रा एली ब्रॉस कहती हैं कि मैं डोनल्ड ट्रंप को 10 में से 6 नंबर देती हूं. ऑरलैंडो निवासी ब्रॉस पल्स नाइट क्लब में हुई गोलीबारी देख चुकी हैं.

ब्रॉस कहती हैं, "जब ट्रंप ने कहा कि वो आतंकवाद का खात्मा करने जा रहे हैं तो मैं उनके समर्थन में थी."

लेकिन सीरिया में अमरीकी मिसाइल हमले के बाद उनकी सोच बदलती दिख रही है.

बदलती है सोच

ब्रॉस कहती हैं, "मुझे ऐसा लगता है कि ट्रंप हमें युद्ध के बीचोंबीच रख रहे हैं." उन्हें चिंता है कि उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई हो सकती है.

ट्रैवल बैन पर ब्रॉस कहती हैं कि इस फ़ैसले से वह खुश थीं, लेकिन वह इसके अमल की प्रक्रिया से खुश नहीं थीं.

वो कहती हैं, "ये इतना कठिन नहीं होना चाहिए था, आप हर किसी को नहीं रोक सकते."

लौरी हैक रिपब्लिकन पार्टी की सक्रिय सदस्य हैं. लेकिन वो डोनल्ड ट्रंप को वोट नहीं दे पाईं.

वे कहती हैं कि शुरुआत में उन्हें इस बात से दिक्कत थी कि ट्रंप जो कह रहे हैं उसे आधार देने के लिए उनके पास कोई रिकॉर्ड नहीं था.

ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई

लेकिन लौरी अब ट्रंप को वोट करना चाहेंगी, क्योंकि उन्हें भी जेन बैरी की तरह नील गॉर्सच जैसे रूढ़िवादी जज को सुप्रीम कोर्ट के लिए नामांकित करने का फ़ैसला पसंद आया. इसके साथ ही वे इमिग्रेशन पर ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावित हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ सदर्न अलाबामा में पादरी के रूप में काम करने वाले जिम मार्थर रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य हैं.

वे कहते हैं कि कई विदेशी छात्र डर के माहौल में जी रहे हैं और यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के प्रवेश का प्रतिशत भी गिरा है.

जिम सीरिया पर अमरीकी मिसाइल हमले को सही ठहराते हैं, लेकिन वे चिंता व्यक्त करते हैं कि विस्तृत रणनीति के अभाव में इस हमले को एक स्टंट की तरह लिया जा सकता है.

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