कुर्द लड़ाकों पर तुर्की के हमलों से अमरीका चिंतित

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Image caption हमलों के बाद कुर्द लड़ाकों से अमरीकी सैन्य कमांडर ने मुलाक़ात कर एकजुटता ज़ाहिर की.

अमरीका ने सीरिया और इराक़ में तुर्की के हवाई हमलों में क़रीब दो दर्जन कुर्द लड़ाकों की मौत पर गहरी चिंता ज़ाहिर की है.

अमरीका समर्थित कुर्द लड़ाकों के समूह वाईपीजी का कहना है कि उनके ठिकानों पर कई हमले हुए हैं.

कुर्द लड़ाकों का ये समूह इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ लड़ रहा है.

तुर्की वाईपीजी को प्रतिबंधित कुर्द अलगाववादियों से संबंधित मानता है.

इराक़ी कुर्द लड़ाकों के समूह पशमर्गा को भी हमलों में नुक़सान होने की ख़बर है. तुर्की के संबंध इस समूह से बेहतर हैं.

इराक़ सरकार ने अपने क्षेत्र में हुए तुर्की के हवाई हमलों की निंदा की है.

अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा, "हम उत्तरी सीरिया और उत्तरी इराक़ में आज हुए तुर्की के हवाई हमलों को लेकर बहुत चिंतित हैं. ये हमले अमरीका और इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ गठित व्यापक गठबंधन से समन्वय के बिना किए गए हैं."

उन्होंने कहा, "हमने तुर्की की सरकार से अपनी चिंता ज़ाहिर की हैं."

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Image caption इराक़ी कुर्दिस्तान के पशमरगा लड़ाकों के तुर्की से दोस्ताना संबंध हैं.

इराक़ी सरकार के प्रवक्ता साद अल हादिसी ने कहा, "इराक़ सरकार अपने क्षेत्र में तुर्की के लड़ाकू विमानों के हमलों के खारिज करती है और उनकी आलोचना करती है."

वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन ने हवाई हमलों का बचाव किया है. उन्होंने समाचार सेवा रॉयटर्स से कहा, "हम उपाय करने के लिए बाध्य हैं और हमें क़दम उठाने ही चाहिए."

उन्होंने कहा, "हमने इसके बारे में रूस और अमरीका को जानकारी दी थी और हम इस बारे में इराक़ को भी जानकारी दे रहे हैं. हमने इस अभियान के बारे में इराक़ी कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति मसूद बारज़ानी को भी जानकारी दी थी."

तुर्की के हवाई हमलों में कितने कुर्द लड़ाके मारे गए हैं ये संख्या अभी स्पष्ट नहीं हई है. रिपोर्टों के मुताबिक़ हमलों में 18 वाईपीजी और पशमरगा लड़ाके मारे गए हैं.

ब्रिटेन स्थित सीरिया पर नज़र रखने वाले समूह द सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि मंगलवार सुबह किए गए हमलों में उत्तरी सीरिया के हसाके प्रांत में कुर्द ठिकानों को निशाना बनाया गया. हमलों में मीडिया सेंटर और रेडियो स्टेशन को नुक़सान हुआ है.

वहीं तुर्क राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा है कि ये अभियान पशमर्गा लड़ाकों के ख़िलाफ़ नहीं था. पशमर्गा इराक़ी कुर्दिस्तान के स्वायत्त क्षेत्र के सैन्य बल हैं.

एक बयान में पशमर्गा ने हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए इलाक़े में सक्रिय कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) को इसके लिए ज़िम्मेदार बताते हुए उनसे इलाक़ा छोड़ने के लिए कहा है.

पीकेके तुर्की के कुर्दों का हथियारबंद समूह है जो तुर्की सरकार के ख़िलाफ़ 1980 के दशक से संघर्ष कर रहा है.

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