जिंदल की शरीफ़ से मुलाक़ात पर पाक में चर्चा गर्म

  • 28 अप्रैल 2017
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पाकिस्तान में बुधवार को प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से भारत के बड़े स्टील कारोबारी सज्जन जिंदल की मुलाक़ात को लेकर चर्चा गर्म है. इन मुलाकात को लेकर इतनी अटकलें लगने लगीं कि नवाज़ शरीफ़ के बेटी मरियम नवाज़ को ट्विटर पर आकर सफ़ाई देनी पड़ी.

मरियम ने ट्विटर पर लिखा, ''मिस्टर जिंदल प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के पुराने दोस्त हैं. इस मुलाक़ात में कुछ भी गोपनीय नहीं था, इसलिए इसे किसी ख़ास संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए. शुक्रिया.''

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पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने पाकिस्तानी अखबार डॉन से जिंदल के इस दौरे को पर्दे के पीछे की डिप्लोमैसी कहा है. उन्होंने कहा कि कई अच्छे नतीजे पर्दे के पीछे की मुलाक़ातों से सामने आते हैं. दूसरी तरफ़ पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों ने इस यात्रा को गोपनीय रखने की आलोचना की है.

क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ़ ने इस मामले में पंजाब असेंबली में एक प्रस्ताव पेश कर मुलाकात में हुई बात को सार्वजनिक करने की मांग की है.

डॉन ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि जिंदल का स्वागत करने के लिए बेनज़ीर भुट्टो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नवाज़ शरीफ के बेटे हुसैन नवाज़ और मरियम के दामाद राहील मुनीर मौजूद थे.

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मरियम के इस ट्वीट पर लोगों की आशंका ख़त्म नहीं हुई. मरियम के ट्वीट की प्रतिक्रिया में ईरम अज़ीम फारूक़ी ने लिखा, ''क्या जिंदल पीएम मोदी का गोपनीय संदेश लेकर आए थे कि कुलभूषण जाधव को रिहा करो या नतीजे भुगतो?''

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मरियम के इस ट्वीट पर कई लोगों ने जमकर ग़ुस्सा निकाला. लोगों का कहना था कि इस पर सफ़ाई देने वाली मरियम कौन होती हैं.

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मोहम्मद लतीफ केहर ने ट्वीट के जवाब में लिखा, ''आप कौन होती हैं? क्या आप पाकिस्तान की विदेश मंत्री हैं? आप क्यों ट्वीट कर रही हैं? सरकार क्यों खामोश हैं? आख़िर इस गोपनीय मुलाक़ात का मतलब क्या है?''

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Image caption नवाज़ शरीफ के बेटी मरियम नवाज़

इस मुलाकात को लेकर पाकिस्तानी मीडिया में भी काफ़ी हलचल है. पाकिस्तानी अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा है कि सज्जन जिंदल ने वीज़ा नियमों का उल्लंघन किया है. अख़बार ने लिखा है, ''सज्जन जिंदल ने दोनों देशों के बीच जो द्विपक्षीय वीज़ा नियम है उसका उल्लंघन किया है.''

अख़बार के मुताबिक भारतीय स्टील कारोबारी सज्जन जिंदल ने पाकिस्तान आने के बाद सीधे मरी में नवाज़ शरीफ से मिलने गए जबकि उनके वीज़ा में इस हिल स्टेशन पर आने का ज़िक्र नहीं था.

अख़बार ने बताया है कि भारत और पाकिस्तान के नागरिकों के वीज़ा पर जहां जाना होता है उसका उल्लेख रहता है. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि जिन जगहों का वीज़ा में जिक्र नहीं होता है वहां दोनों देशों के नागरिक नहीं जा सकते हैं.

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अख़बार के मुताबिक जिंदल को पाकिस्तान ने 25 अप्रैल, 2017 को वीज़ा जारी किया था. इस वीज़ा का नंबर है- 769903 और वीज़ा के मुताबिक सज्जन को केवल इस्लामाबाद और लाहौर जाना था.

पाकिस्तानी अख़बार डॉन के मुताबिक पंजाब असेंबली में मियां महमूद राशीद ने इस मुलाकात के एजेंडे और बातचीत को सार्वजनिक करने की मांग की है. 'द न्यूज़' ने लिखा है कि इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के रूप में देखा जा रहा है.

'द न्यूज' ने लिखा है कि सज्जन जिंदल को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है और इस मुलाक़ात को उसी रूप में देखा जा रहा है. 'द न्यूज़' के मुताबिक दिसंबर 2015 में जब पीएम मोदी अचानक पाकिस्तान पहुंचे थे तब उनके प्रतिनिधिमंडल में सज्जन जिंदल भी शामिल थे.

इन दिनों भारत प्रशासित कश्मीर में तनाव चरम पर है. हाल ही में जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी. मुफ़्ती ने मोदी से कश्मीर में तनाव ख़त्म करने को लेकर सभी पक्षों से बातचीत को आगे बढ़ाने का आग्रह किया था. जिंदल की इस मुलाकात को इस संदर्भ में भी देखा जा रहा है.

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