प्लेबॉय मॉडल के पहाड़ पर फ़ोटो खिंचवाने से क्यों हुआ बवाल

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आप अगर फ़ेसबुक या इंस्टाग्राम पर अच्छे पोज़ वाली अच्छी तस्वीर डालना चाहते हैं तो शायद बादलों से घिरे पर्वत की ऊँचाई पर खिंचाई तस्वीर बेहतरीन रहेगी.

ख़ासकर तब जब आप प्लेबॉय मॉडल हैं और अपने तीन लाख फॉलोअर्स के लिए फोटो डालना चाहते हैं. और ज़ाहिर है कि ये नग्न फोटो होगी.

यही हुआ जब प्लेबॉय मॉडल जेलीन कुक ने न्यूज़ीलैंड के माउंट टारानाकी पर नग्न फ़ोटो खिंचवाई. लेकिन वहाँ के माओरी समुदाय के लोगों का आरोप है कि सांस्कृतिक रूप से ऐसा करना असंवेदनशील था.

माउंट टारनाकी दरअसल एक ज्वालामुखी है और माओरी लोग इसे पवित्र मानते हैं. माना जाता है कि यहाँ माओरी समुदाय के पूर्वजों को दफनाया गया है. इस पर्वत को भी माओरी समुदाय अपने पूर्वज की तरह ही देखते हैं.

'ऐसा करना ग़ैर-मुनासिब था'

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पारंपरिक तौर पर इस पर्वत पर चढ़ना तक ग़लत माना जाता है और कभी कभार ही किसी रस्म वगैरह के लिए ऐसा किया जाता है.

माओरी समुदाय के प्रवक्ता डेनिस गावरे के मुताबिक, "ये वैसा ही है जैसा वैटिकन में सेंट पीटर्स बासिल्का में जाना और वहाँ न्यूड फ़ोटो लेना. ये पवित्र जगह है और ऐसा करना ग़ैर-मुनासिब था."

जेलीन कुक ख़ुद भी न्यूज़ीलैंड से है. ये तस्वीर तब ले गई जब वो कुछ दिन पहले इस पहाड़ पर गई थीं.

इंस्टाग्राम पर इस तस्वीर को करीब 10,000 लाइक मिल चुके हैं.

मान्यताओं का टकराव

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माओरी समुदाय के प्रवक्ता कहते हैं कि वो लोगों से सिर्फ़ इतना चाहते हैं कि वो सम्मानपूर्वक बर्ताव करें.

वहाँ के मेयर भी इस तरह फ़ोटो खिंचवाने को असंवेदनशील मानते हैं.

उनका कहना है, "मुझे नहीं लगता कि तस्वीर अश्लील या अभद्र है. बात सिर्फ़ ये है कि ये तस्वीर माउंट टारानाकी पर खिंचाई गई हैं जो माओरी समुदाय के लिए पवित्र है."

वहीं जेलीन कुक का कहना है कि उन्होंने फोटो लेने से पहले रिसर्च किया था और उन्हें नहीं लगा कि फोटो लेने से किसी को बुरा लगेगा.

इससे पहले भी कुछ घटनाओं की वजह से माओरी समुदाय आपत्ति जता चुका है. जैसे कुछ हाईकर्स ने वहाँ बार्बिक्यू (आग पर भोजन पकाना) किया था और वहाँ ग्राफ़िटी लिखकर छोड़ गए थे.

इसी तरह 2015 में मलेशिया में भी कुछ पश्चिमी पर्यटक मलेशिया में एक पहाड़ पर नग्न चढ़ गए थे. बाद में वहाँ आए भूकंप के बारे में कहा गया था कि पवित्र पहाड़ के अपमान की वजह से ऐसा हुआ.

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