क्यों घबरा जाते हैं एफ़बीआई प्रमुख?

  • 3 मई 2017
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अमरीकी जांच एजेंसी एफ़बीआई के प्रमुख जेम्स कूमी ने कहा है कि उन्हें ये सोच कर घबराहट होती है कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव को वो प्रभावित कर सकते थे.

पिछले साल नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव से पहले डैमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के ईमेल मामले में दोबारा जांच शुरू करने पर पहली बार जेम्स कूमी ने सार्वजनिक तौर पर सफ़ाई दी है.

हिलेरी क्लिंटन के विदेश मंत्री रहते हुए ईमेल भेजने के लिए निजी सर्वर के इस्तेमाल के मामले की जांच को दोबारा शुरू किया गया था.

हिलेरी क्लिंटन के ईमेल की जांच के मामले में सीनेट के पैनल के सामने पेश हुए एफ़बीआई प्रमुख जेम्स कूमी ने कहा कि डैमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के नए ईमेल्स मिलने की जानकारी को दबाना विनाशकारी साबित हो सकता था.

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सीनेट के पैनल की तरफ़ से जेम्स कूमी को कई मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ा, यहां पर उन्होंने कहा कि अगर फिर मौका आता तो वो यही फ़ैसला लेते.

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Image caption हिलेरी क्लिंटन राष्ट्रपति का चुनाव हार गई थीं

'हिलेरी के ईमेल में अपराध वाली कोई बात नहीं'

उन्होंने कहा, ''ये सोचकर घबराहट होती है कि इससे चुनाव पर कुछ असर पड़ सकता था. लेकिन ईमानदारी से कहूं तो इससे भी हमारा फ़ैसला नहीं बदलता. "

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर जेम्स कूमी की आलोचना की है.

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उन्होंने ट्वीट किया है, ''एफ़बीआई के प्रमुख जेम्स कूमी हिलेरी क्लिंटन के लिए बहुत अच्छे साबित हुए जिन्होंने हिलेरी को कई ग़लत काम करने का रास्ता दिखाया! ट्रंप/रूस की झूठी कहानी डैमोक्रेट्स के लिए चुनाव हारने का अच्छा बहाना बन गई. शायद ट्रंप ने बेहतर चुनाव प्रचार किया?''

अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में हिलेरी क्लिंटन के ईमेल का मामला काफ़ी छाया रहा था और डोनल्ड ट्रंप उन पर लगातार आरोप लगाते रहे थे.

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