रियो ओलंपिक में हमले के साज़िशकर्ताओं को सज़ा

  • 5 मई 2017
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ब्राज़ील में एक जज ने 2016 के रियो ओलंपिक में हमले की साजिश रचने के आरोप में आठ लोगों को जेल भेजा है.

पिछले साल इन पर इंटरनेट का इस्तेमाल कर इस्लामिक स्टेट (आईएस) को प्रोत्साहित करने का आरोप लगा था. अगस्त में खेल शुरू होने के ठीक पहले इन्हें गिरफ़्तार किया गया था.

इस मामले में एफबीआई ने ब्राज़ील को सतर्क किया था. जिन्हें गिरफ़्तार किया गया है वे सारे ब्राज़ील के नागरिक हैं. हमले की साजिश रचने वाले सरगने का नाम लियोनिड अल काद्रे डी मेलो है.

मेलो को 15 साल की क़ैद की सज़ा मिली है. मेलो की वक़ील ने बताया कि उनका क्लाइंट भूख हड़ताल पर है.

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इस मामले में अन्य लोगों को भी पांच से छह साल की जेल की सज़ा मिली है. ये सभी कोर्ट के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे.

बम बनाने वाला वीडियो

पराना स्टेट के जज मार्कोस जोसेग्रेई डा सिल्वा ने कहा, 'इस ग्रुप के लोगों ने ऑनलाइन अतिवादी वीडियो शेयर किया था. इन्होंने वीडियो मेसेजिंग ऐप्स के ज़रिए इसे शेयर किया था. इसमें इस्लामिक स्टेट के समर्थन की बात थी.'

सिल्वा ने अपने फ़ैसले में लिखा है, ''अल काद्रे डी मेलो बिना कोई शक के ग्रुप के सभी साजिशकर्ताओं का नेतृत्व कर रहा था.''

अधिकारियों ने कहा कि सभी आठों पुरुष इस्लामिक स्टेट के सदस्य नहीं थे लेकिन इन्होंने संपर्क करने की कोशिश की थी. इनकी गतिविधियों पर एफबीआई की निगरानी थी.

रियो ओलंपिक के दो हफ़्ते पहले एफ़बीआई ने ब्राज़ील को सूचना दी थी. एफ़बीआई ने कहा था कि ये लोग हथियार ख़रीदने की कोशिश कर रहे हैं और बम बनाने का वीडियो शेयर किया है.

ब्राज़ील की फेडरल पुलिस ने इसे लेकर ऑपरेशन हैशटैग शुरू किया था. इस में 15 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. बाद में सात लोगों को छोड़ दिया गया था लेकिन आठ लोगों को ब्राज़ील के नए आतंकवादी रोधी क़ानून के तहत जांच का सामना करना पड़ा.

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