फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव: प्रचार ख़त्म, सुरक्षा कड़ी

  • 6 मई 2017
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Image caption आइफल टॉवर पर ग्रीनपीस ने फहराया बैनर

फ्रांस में रविवार को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के मतदान से एक दिन पहले पेरिस और उसके आस पास सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.

राष्ट्रपति की दौड़ के दूसरे चरण में यूरोपीय संघ के हिमायती उम्मीदवार उदारवादी नेता इमैनुअल मैक्रों का मुक़ाबला धुर दक्षिणपंथी पार्टी (फ्रंट नेशनल) की नेता रही मैरीन ल पेन से होना है.

उत्तरी पेरिस से एक संदिग्ध कट्टरपंथी को हथियार रखने और आईएस से प्रभावित होने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

वहीं आइफल टावर में बैनर फहराने पहुंचे ग्रीनपीस कार्यकर्तोओं की वजह से पुलिस को आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ी.

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Image caption पुलिस ने संदिग्ध को सैन्य अड्डे से गिरफ़्तार किया

ग्रीनपीस के कार्यकर्ताओं ने आइफल टॉवर पर जो बैनर फहराया उसपर लिखा था, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा. उसमें एक और शब्द लिखा था 'नस्लवाद', ये राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मैरीन ल पेन के विरोध में लिखा गया था.

ग्रीनपीस के फ्रांस के प्रमुख यान फ्रैंस्वा जुलिया ने कहा '' हम यह कहना चाहते थे कि हम फ्रांस और अन्य दोशों में बढ़ते राष्ट्रवाद और सत्तावाद के ख़िलाफ़ हैं.''

इसके बाद से पुलिस पर दबाव है कि सुरक्षा व्यवस्था में ख़ामियों को स्वीकार करे.

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Image caption मैरीन ल पेन

उत्तर-पश्चिम पेरिस से गिरफ़्तार किए गया व्यक्ति इस्लाम धर्म अपना चुका है और अपनी अतिवादी सोच के चलते साल 2104 से पैनी निगरानी में था.

फ्रांस के अख़बार ली माॉन्ड के मुताबिक़ 34 वर्षीय ये व्यक्ति पूर्व सैनिक है जिसे एयरबेस के पास हिरासत में लिया गया.

सूत्रों के मुताबिक़ उसके पास से एक यूएसबी डिवाइस मिली है जिसमें तथाकथित इस्लामिक स्टेट प्रति प्रतिबद्धता की बातें हैं. इसके अलावा क़ुरान की एक प्रति और आईएस का झंडा उसकी कार से बरामद हुआ है.

बाद में एयरबेस के पास ही एक गुप्त अड्डे पर दो रिवॉल्वर एक बंदूक और गोलाबारूद भी बरामद किया गया.

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Image caption इमैनुअल मैक्रों

23 अप्रैल को जब पहले चरण का मतदान होना था उससे तीन दिन पहले भी पेरिस के शॉ एलीज़े इलाक़े में क़रीम शेउर्फी नाम के एक व्यक्ति ने भी एक हमले में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को मार दिया था. आईएस ने इस हमले की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया था.

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नवंबर 2015 में पेरिस में हुए हमले के बाद से फ्रांस में अब भी आपात स्थिति लागू है.

फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पिछले हफ्ते शुक्रवार को भी दोनों उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ हिंसक प्रदर्शन हुए थे, तब छात्रों ने स्कूलों के रास्ते रोक दिए थे और स्लोगन दिखाए थे जिनमें लिखा था ' ना ल पेन और ना ही मैक्रों'.

रविवार को दूसरे चरण के मतदान में दोनों उम्मीदवारों की क़िस्मत का फ़ैसला होना है, नतीजे 11 मई को घोषित किए जाएंगे.

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