धार्मिक कट्टरता के ख़तरे
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धार्मिक कट्टरता के कई हैं ख़तरे

दिल्ली में बीबीसी हिंदी के साथ मुलाकात में पाकिस्तान के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता इब्न-ए-अब्दुर्रहमान ने धार्मिक कट्टरता पर बात की है.

उन्होंने कहा कि पूरे दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के नाम पर बड़े-बड़े ज़ुल्म किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों का सम्मान सिर्फ़ दिखावे के लिए होता है किसी देश में थोड़ा ज़्यादा है तो किसी में थोड़ा कम.

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