डिप्रेशन की शिकार लड़की की पोस्ट क्यों हुई वायरल?

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डिप्रेशन से जूझ रही 17 साल की केटी लेशो ने फ़ेसबुक पर अपनी तस्वीर के साथ एक टिप्पणी पोस्ट की है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

केटी लेशो की इस पोस्ट को अब तक दो लाख 27 हज़ार से ज़्यादा लोग साझा कर चुके हैं.

उनकी ये पोस्ट डिप्रेशन के कारण शरीर पर पड़ने वाले असर और उसकी बारीकियों के बारे में है.

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उन्होंने अपने दोस्तों को बताया है कि चार हफ़्तों में उन्होंने पहली बार अपने बाल संवारे और दांत साफ किए.

आंसू ख़त्म होने तक रोना..

पोस्ट में लिखा है, "डिप्रेशन कोई खूबसूरत चीज़ नहीं. इसका मतलब है साफ़ सफ़ाई की बुरी स्थिति, गंदे बर्तन और अधिक सोने से शरीर में दर्द."

उन्होंने आगे लिखा है, "डिप्रेशन का मतलब है आंसू ख़त्म होने तक रोना, हर पल आहें भरना और सुबकना, छत को तब तक घूरना जब तक आंखें थक न जाएं क्योंकि आप पलक झपकाना भूल जाते हैं."

वो लिखती हैं, "ये आपके पूरे परिवार को दुखी कर देता है क्योंकि वे सोचते हैं कि आपको अब उनसे प्यार नहीं रहा. डिप्रेशन केवल भावनात्मक खालीपन नहीं है बल्कि इसे शारीरिक रूप से महसूस किया जा सकता है."

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केटी अपने दादा और ब्वॉयफ्रेंड के साथ जॉर्जिया में रहती हैं.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि उन्होंने ये पोस्ट इसलिए लिखी क्योंकि उन्हें लगता है कि मीडिया, फ़िल्मों और टीवी शोज़ में डिप्रेशन को रूमानी तरीके से पेश किया जाता है.

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शरीर पर भी होता है असर

केटी कहती हैं, "पिछले कुछ सालों में डिप्रेशन का टैबू कम हुआ है और अब अधिक से अधिक लोग इस पर खुलकर बोलने लगे हैं."

उनके अनुसार, "लोग शरीर पर इसके असर को लेकर बात नहीं करते. इसकी वजह से ज़रूरी बातें भूलना, नहाना छोड़ देना, अपना ख्याल न रखना और अस्त व्यस्त रहने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है."

केटी कहती हैं, "अगर आप निराश हैं तो अपने दोस्त से बात करें. जब मैं डिप्रेशन में होती हूं, कोई भी बात मेरी मदद नहीं करती. लेकिन ये कह सकती हूं कि आप अकेले नहीं है. आप कभी भी अकेले नहीं हैं."

वो कहती हैं, "हमेशा ही आपकी मदद के लिए कोई न कोई मौजूद होता है. इस बात को बहुत सारे लोग समझते हैं और हमेशा आपकी मदद के लिए आगे आते हैं."

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