क्या है 'फ़िरौती वायरस', जो करता है पैसे की उगाही

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption सांकेतिक तस्वीर

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस समेत दुनिया के 99 देशों की 40 से ज़्यादा संस्थाओं पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ है.

यह एक 'रैनसमवेयर' हमला है, जिससे ब्रिटेन की सरकारी स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई है.

'99 देशों में' ज़बरदस्त साइबर हमला, मांगी फ़िरौती

क्या होता है रैनसमवेयर साइबर हमला?

इसे आप आसान शब्दावली में 'फ़िरौती वायरस' कह सकते हैं. साइबर अपराधी इसके इस्तेमाल से आपके कंप्यूटर को संक्रमित करके ब्लैकमेल करते हैं.

'रैनसमवेयर' आपके कंप्यूटर पर क़ब्ज़े के बाद सारी फाइलें डिलीट करने की धमकी देता है और उन्हें बचाने के बदले एक रकम किसी पेमेंट नेटवर्क के ज़रिये मांगता है.

आपकी तस्वीरें, वीडियोज़ और बाकी फाइल्स इनक्रिप्ट यानी लॉक कर दी जाती हैं और उन्हें वापस पाने के लिए फ़िरौती मांगी जाती है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

इज़्ज़त के नाम पर भी होता है ब्लैकमेल

रैनसमवेयर के ज़रिये सिर्फ़ आपको फाइल्स के नाम पर ब्लैकमेल नहीं किया जाता. कभी कभी 'इज़्ज़त' का हवाला देकर भी फ़िरौती मांगी जाती है.

ऐसे मामले भी ख़ूब सामने आए हैं, जब यह दावा किया गया कि आपको पॉर्न देखते या अवैध तस्वीरें डाउनलोड करते पकड़ लिया गया है और अगर फ़िरौती नहीं दी गई तो आपके ईमेल से जुड़े सारे लोगों को आपकी हरकत सबूत समेत बता दी जाएगी.

आम तौर पर इस तरह के प्रोग्राम की समय सीमा भी होती है. अगर आप वक़्त पर पैसा नहीं चुकाते तो फ़िरौती बढ़ती जाती है.

Image caption आपकी फाइलें इनक्रिप्ट कर देता है रैनसमवेयर

कुछ मामलों में किया जाता है फ़र्ज़ी दावा

रैनसमवेयर के कुछ मामले फ़र्ज़ी दावों से भरे होते हैं और आपको डरा- धमका कर पैसा लेने की कोशिश की जाती हैं. लेकिन कई बार सच में आपकी फाइलें बर्बाद कर दी जाती हैं.

लेकिन जब आप ब्लैकमेलर से डील कर रहे हों तो कोई गारंटी नहीं कि पैसे चुकाने के बाद आपको फाइलें मिल जाएंगी या फिर दोबारा ऐसा हमला नहीं होगा.

कुछ रैनसमवेयर बहुत ख़तरनाक भी हो सकते हैं. ज़्यादातर रैनसमवेयर इंसानों के 'मलीशियस' यानी आपत्तिजनक संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करने के ज़रिये फैलते हैं. लेकिन जिस रैनसमवेयर ने 99 देशों को चपेट में लिया है, वह अपने आप एक से दूसरे नेटवर्क में फैल सकता है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

कैसे बचें रैनसमवेयर से

  1. अपने ईमेल देखते हुए सावधान रहें. अनजान ईमेल पर आने वाले संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें.
  2. अपने कंप्यूटर के सिक्योरिटी सिस्टम को अपडेट रखें.
  3. फायरवॉल और एंटी वायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें.
  4. अपनी सारी ज़रूरी फाइलों का बैकअप एक 'एक्सटर्नल ड्राइव' में रखें.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे