लाओस में केले की खेती: वरदान या अभिशाप?

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Image caption कोंगकैव वोनुसाक

उत्तरी लाओस के एक शांत से गांव में रहने वाले कोंगकैव वोनुसाक चीनी निवेशकों के वहां आने पर बहुत खुश हुए थे.

ये साल 2014 की बात है. वो बताते हैं कि उनके साथ ही आसानी से पैसा आया.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक चीनियों ने गांववालों से 720 डॉलर प्रति हेक्टेयर की दर से उनकी जमीनें लीज पर ले लीं. इनमें से ज्यादातर बेकार पड़ी जमीनें थीं.

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गांव के 59 वर्षीय मुखिया कोंगकैव वोनुसाक बताते हैं कि चीनी जमीन के उन टुकड़ों पर केले की खेती करना चाहते थे.

गरीबी से जूझ रहे गांववालों के लिए ये बड़ी पेशकश थी. कोंगकैव वोनुसाक ने बताया, "उन्होंने कीमत बताई और पूछा कि क्या हम खुश हैं? हमने कहा कि ठीक है."

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इसके अलावा नदी किनारे वाली और सड़क के पास वाले खेतों के लिए चीनियों ने दोगुणी पेशकश कर दी.

चीन साल के भीतर चीनियों की अगुवाई में हो रही इस केले की खेती से यहां कोई अछूता नहीं रहा, लेकिन फिर भी यहां हर किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट नहीं है.

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जानकारों का कहना है कि उत्तरी लाओस में चीनी नौकरी और बेहतर कमाई के मौके लेकर आए, लेकिन यहां कि खेतीबाड़ी को उन्होंने कीटनाशकों और दूसरे केमिकल्स से भर दिया.

पिछले साल एक सरकारी एजेंसी ने रिपोर्ट दी कि कीटनाशकों और रसायनों के ज़्यादा इस्तेमाल से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है और पानी के स्रोत दूषित हो गए हैं.

इसके बाद सरकार ने केले की नई खेती पर रोक लगा दी है.

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कोंगकैव वोनुसाक बताते हैं, "चीनियों के निवेश ने हमें बेहतर जिंदगी दी. हम अच्छा खाते हैं और बेहतर जीते हैं."

लेकिन केले के बागानों में जब रसायनों का छिड़काव हो रहा होता है तो न वे और न ही उनके पड़ोसी खेतों की तरफ जाते हैं.

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उन्होंने पास की नदी से मछली पकड़ना भी छोड़ दिया है. उन्हें डर है कि ये नदी भी प्रदूषित हो गई है.

केले के बागानों के चीनी मालिकों को सरकारी प्रतिबंध से निराशा है. लीज़ की अवधि खत्म हो जाने के बाद सरकार ने उनके आगे खेती करने पर रोक लगा दी है.

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उनका कहना है कि खेती के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल ज़रूरी है और इसकी वजह से यहां काम करने वालों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे असर से वे इनकार करते हैं.

वू याकियांग लाओस में केले की खेती करने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक जियांगओंग एग्रिकल्चर के एक साइट मैनेजर हैं.

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वे कहते हैं, "अगर आप खेती करना चाहते हैं तो आपको रासायनिक खादों और कीटनाशकों का इस्तेमाल करना होगा. अगर हम यहां विकास के लिए नहीं आते तो यहां पहाड़ों के अलावा कुछ नहीं रहता."

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केले की खेती में ऐसे रसायनों के इस्तेमाल की भी रिपोर्टें हैं जिन्हें यूरोपीय यूनियन ने प्रतिबंधित कर रखा है.

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इन केलों को चीन ले जाने के इरादे से संरक्षित करने के लिए भी रसायनों का इस्तेमाल होता है.

केले का उत्पादन कम होने के बाद अब कुछ कंपनियों ने तरबूज़ की खेती भी शुरू कर दी है.

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