न भूलूंगा न माफ़ करूंगाः असांज

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विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने कहा है कि वो उन्हें बलात्कार के आरोपों में गिरफ़्तार करने की कोशिशों को न भूलेंगे और न ही माफ़ करेंगे.

लंदन में इक्वाडोर दूतावास की बालकनी से बोलते हुए असांज ने स्वीडन के बलात्कार के आरोपों को रद्द करने को 'अहम जीत' बताया है.

असांज ने कहा, "आज का दिन मेरे लिए और संयु्क्त राष्ट्र के मानवाधिकार सिस्टम के लिए अहम जीत का दिन है लेकिन इससे सात साल बिना आरोप के मुझे हिरासत में रखे जाने को मिटाया नहीं जा सकता, इस दौरान मेरे बच्चे भी बड़े हो गए. ये ऐसी बात नहीं है जिसे मैं भूल जाऊं या माफ़ कर दूं."

असांज को अभी इक्वाडोर के दूतावास से बाहर आने में समय लगेगा. जिस बालकनी से वो सालों से बोलते रहे हैं वहीं से उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लड़ाई तो अब शुरू हुई है.

असांज के ख़िलाफ़ रेप मामले की जाँच बंद

सात साल में कहां पहुंचा असांज का मामला?

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स्वीडन के आरोप रद्द कर देने के बाद भी ब्रितानी पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए बाध्य होगी क्योंकि उन्होंने पांच साल पहले दूतावास में शरण लेने के दौरान ज़मानत नहीं ली थी.

ब्रिटेन में ज़मानत पर आत्मसमर्पण न करने पर अधिकतम एक साल तक की सज़ा हो सकती है.

उन्होंने कहा, "मेरे क़ानूनी सलाहकारों ने ब्रितानी प्रशासन से संपर्क किया है और हम इसका सबसे बेहतर रास्ता तलाशने के लिए बातचीत करेंगे."

उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें अमरीका से भी बात करने में कोई हर्ज नहीं है.

ब्रितानी पुलिस का कहना है कि यदि असांज दूतावास से बाहर आते हैं तो पुलिस उन्हें गिरफ़्तार कर लेगी.

शुक्रवार को स्वीडन के लोक अभियोजन के निदेशक ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज के ख़िलाफ़ चल रही रेप मामले की जाँच बंद करने की जानकारी दी.

असांज 2012 से इक्वाडोर के दूतावास में ही रह रहे हैं.

उन पर अमरीका में भी कई मामले चल रहे हैं और उन्हें डर है कि दूतावास छोड़ने पर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है और अमरीका भेजा जा सकता है.

पामेला की चाहत हैं जूलियन असांज

असांज मामले में कब क्या हुआ

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विकीलीक्स ने मचाया था तहलका

अपनी वेबसाइट विकीलीक्स के ज़रिए इराक़, अफ़ग़ानिस्तान युद्ध और अमरीका से जुड़े ख़ुफ़िया दस्तावेज़ जारी कर जूलियन असांज दुनिया भर में मशहूर हुए.

दुनियाभर में उनके लाखों प्रशंसक हैं और विश्व के कई देश अब उन्हें अपने रास्ते की रुकावट मानते हैं.

जूलियन के साथ काम करने वालों की मानें तो वो कंप्यूटर-कोडिंग के महारथी एक ऐसे एक शख्स हैं जिनकी बुद्धिमता और लगन ने उन्हें इस मुकाम पर खड़ा किया है.

आलोचक कहते हैं कि वो प्रचार के भूखे हैं और प्रशंसक उन्हें सच का सिपाही मानते हैं.

क्यों इक्वेडोर ने दी असांज को शरण-

इक्वाडोर ने दी जूलियन असांज को पनाह

असांज का अतीत

असांज का जन्म 1971 में उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में हुआ. माता-पिता रंगमंच से जुड़े़ थे इसलिए उनका बचपन अलग-अलग जगहों पर अलग माहौल में बीता.

18 साल की उम्र में वो पिता बन गए और पत्नी के साथ अलगाव के बाद बच्चे के क़ानूनी संरक्षण के लिए उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी.

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