ईरानी मतदाताओं ने कट्टरपंथ को नकार दियाः रूहानी

  • 21 मई 2017
इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption हसन रूहानी 57 फ़ीसदी मत पाकर दोबारा ईरान के राष्ट्रपति बन गए हैं.

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि उनका दोबारा चुना जाना बताता है कि मतदाताओं ने कट्टरपंथ को नकार दिया है और वो बाहरी दुनिया से और अधिक संपर्क चाहते हैं.

क़रीब 57 फ़ीसदी मत हासिल कर सीधी जीत हासिल करने वाले रूहानी ने कहा है कि वो उनकी आलोचना करने के विरोधियों के अधिकार का सम्मान करते हैं.

68 वर्षीय रूहानी ने ही पश्चिमी देशों के साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ऐतिहासिक समझौता किया था.

समझौते के तहत ईरान ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक सहयोग के बदले अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दिया था.

ईरान चुनाव: महिलाओं की ताक़त

रूहानी दूसरी बार बने ईरान के राष्ट्रपति

इमेज कॉपीरइट Getty Images

विश्लेषकों का मानना है कि रूहानी की निर्णायक जीत से उन्हें सुधार लागू करने और बीमार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का जनादेश मिला है.

जीत के बाद सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने भाषण में रुहानी ने कहा, "ईरान ने दुनिया के साथ बातचीत का रास्ता चुन लिया है. ये रास्ता हिंसा और कट्टरपंथ से अलग है."

उन्होंने कहा, " अब चुनाव ख़त्म हो गए हैं. मैं अब देश का राष्ट्रपति हूं और मुझे प्रत्येक ईरानी के सहयोग की ज़रूरत है, उनकी भी जो मेरा और मेरी नीतियों का विरोध करते हैं."

रूहानी ने अपने भाषण में ईरान के पूर्व सुधारवादी राष्ट्रपति मोहम्मद ख़तामी का भी शुक्रिया अदा किया. उन्होंने ऐसा करके इस पूर्व नेता का सार्वजनिक रूप से उल्लेख करने पर लगे मीडिया प्रतिबंध का भी उल्लंघन किया.

ईरान में शुक्रवार को हुए राष्ट्रपति चुनावों में जमकर मतदान हुआ. लगभग सत्तर फ़ीसदी लोगों ने मतदान किया जो अनुमान से बहुत ज़्यादा था.

ईरान में टक्कर नरमपंथ और कट्टरपंथ के बीच

जब मोदी ने रूहानी को तोहफ़े में दी रामायण

इमेज कॉपीरइट EPA
Image caption रूहानी के समर्थकों ने जीत के बाद जश्न मनाया है.

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामनेई ने ट्विटर पर कहा, "चुनाव ईरानी राष्ट्र की बढ़ती प्रगति को दर्शाते हैं."

खामनेई ने कहा कि ईरान दूसरे देशों से संबंधों के मामले में 'राष्ट्रीय' सम्मान' और 'समझदारी' दिखाएगा.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक चुनाव नतीजों के बाद राजधानी तेहरान में जश्न का माहौल रहा. बड़ी तादाद में युवा शहर के मुख्य चौराहे पर जश्न मनाने जुट गए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे