धर्म के नाम पर आतंकवाद का खेल अब बंद हो - ट्रंप

  • 21 मई 2017
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पहली विदेश यात्रा में सऊदी अरब पहुंचे अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रियाद में 40 से ज़्यादा मुस्लिम देशों के नेताओं को संबोधित किया.

डोनल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में मुस्लिम देशों के नेताओं से आतंकवाद ख़त्म करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अपनी पवित्र धरती पर आतंकवाद को प्रश्रय न दें.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, ''आतंकवाद से दुनिया भर के देश पीड़ित हैं. कुछ देश आतंकवाद को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं. इससे मध्य-पूर्व से लेकर भारत और रूस जैसे देश भी प्रभावित हो रहे हैं. धर्म के नाम पर आतंकवाद का खेल अब बंद होना चाहिए.''

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इस सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ भी मौजूद थे. ट्रंप ने कहा, ''अमरीका का लक्ष्य शांति, सुरक्षा और संपन्नता है. मैं दोस्ती, उम्मीद और प्यार का संदेश लेकर आया हूं. मैं किसी पर कुछ थोपने नहीं आया हूं बल्कि साझेदारी बढ़ाने आया हूं. बड़े मुस्लिम देशों को इस्लामिक अतिवाद से लड़ने के लिए आगे आना होगा.''

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह न तो लेक्चर देने आए हैं और न ही कुछ थोपने आए हैं. उन्होंने कहा कि अमरीका शांति और सुरक्षा चाहता है. उन्होंने कहा, ''मैं चाहता हूं कि मुस्लिम युवा भी बिना डर के रहें और आगे बढ़ें.''

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सम्मेलन को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह सऊदी अरब की मेहमानवाज़ी से ख़ुश हैं.

ट्रंप ने कहा कि किंग सलमान के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंध अच्छे हुए हैं. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, ''दोनों देशों के बीच जो समझौता हुआ है उससे रोज़गार पैदा होगा और अतिवाद से भी लड़ने में मदद मिलेगी.''

ट्रंप ने कहा, ''मध्य पूर्व सांस्क़तिक रूप से काफ़ी संपन्न है और प्राकृतिक संसाधनों से भी भरा है पर आतंकवाद के कारण सारी चीज़ें पीछे छूट जाती हैं. जो आतंकवाद को वित्तीय मदद पहुंचा रहे हैं उन्हें बंद करना होगा. हम मध्य-पूर्व में आतंकवाद से लड़ने के लिए सहयोग चाहते हैं. मुस्लिम देश अतिवादियों को प्रश्रय देना बंद करें.''

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किंग सलमान की तरह ट्रंप ने भी ईरान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ईरान सामुदायिक हिंसा को बढ़ावा दे रहा है. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान इस इलाक़े में अस्थिरता फैला रहा है. ट्रंप ने कहा कि इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच शांति समझौता संभव है.

ट्रंप ने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग अच्छाई और बुराई के बीच की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के देशों को बेहतर भविष्य की तरफ़ बढ़ना चाहिए.

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इससे पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए सऊदी अरब के किंग सलमान ने कहा, ''इस्लाम शांति और सहिष्णुता का धर्म है. इस्लाम के नाम पर आतंकवाद बंद होना चाहिए. आतंकवाद के ख़िलाफ़ सभी देशों के एकजुट होने का वक़्त आ गया है.''

किंग सलमान ने इस दौरान ईरान की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि ईरान भरोसे के माहौल को ख़त्म कर रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा है. किंग सलमान ने इस्लामिक स्टेट से लड़ने की भी प्रतिबद्धता जताई.

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