मैनचेस्टर हमलावर के भाई और पिता हिरासत में

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Image caption सलमान आब्दी का भाई हाशिम आबदी को त्रिपोली में हिरासत में लिया गया

ब्रिटेन में पुलिस मैनचेस्टर एरीना धमाके के पीछे के संदिग्ध नेटवर्क की तलाश में जुटी है. इसी सिलसिले में पुलिस ने सातवें व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस ने बताया कि वॉरविकशायर के न्यूनिएटन में तलाशी के बाद पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.

पुलिस के अनुसार सोमवार रात को मैनचेस्टर एरीना में अमरीकी पॉप स्टार एरियाना ग्रांडे के कॉनसर्ट के बाद संभवतः 22 साल के सलमान रमादान आबदी ने ख़ुद को उड़ा लिया. हमले में 22 लोगों की जान गई और लगभग 60 लोग घायल हो गए.

वहीं लीबिया में सलमान के पिता और भाई को हिरासत में लिया गया है.

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पुलिस ने मंगलवार को मैनचेस्टर में सलमान के बड़े भाई इस्माइल को हिरासत में लिया था.

Image caption इस्माइल आबदी को मैनचेस्टर में और सलमान आबदी के पिता रमादान आबदी को त्रिपोली में पकड़ा गया

बुधवार को पुलिस ने विगन में पांचवे व्यक्ति को गिरफ्तार किया था.

ब्रिटेन में जल्दी ही और हमलों की आशंका को देखते हुए ख़तरे का स्तर अब तक का सबसे ऊंचा 'अतिगंभीर' तक कर दिया गया है.

ब्रिटेन में अहम जगहों पर पुलिस के साथ सैनिकों को भी तैनात किया जा रहा है.

गृह मंत्री एंबर रड्ड ने कहा, "सोमवार रात को हुए हमले जैसा जटिल हमला हमने पहले कभी नहीं देखा, ऐसा लगता है कि संभव है कि सलमान आब्दी इसमें अकेले शामिल नहीं था."

तस्वीरों पर आपत्ति

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इस बीच न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार ने हमले के स्थान से ली गई तस्वीरों को प्रकाशित किया है, इसमें सलमान के बैकपैक के बचे हिस्से, स्क्रू और संदिग्ध डेटोनेटर की तस्वीरें हैं.

ब्रितानी अधिकारियों ने तस्वीरें प्रकाशित करने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है.

ब्रितानी चरमपंथ रोधी पुलिस के प्रवक्ता ने कहा है कि ये दुनिया में ख़ुफिया, क़ानून और सुरक्षा क्षेत्र के भरोसेमंद सहयोगियों के साथ रिश्ते को खोखला करने जैसा है. उन्होंने कहा कि चरमपंथ के खिलाफ़ चल रही बड़ी जांच के बीच में अनाधिकारिक तरह से जानकारी देने से काफ़ी बड़ा नुक़सान हुआ है.

कौन था हमलावर?

माना जा रहा है कि मैनचेस्टर में लीबियाई मूल के परिवार में पैदा हुए सलमान आबदी की उम्र 22 साल थी. जो सैलफ़ॉर्ड यूनिवर्सिटी का पूर्व छात्र था.

मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी से जुड़े हामिद-अल-सैद ने कहा है कि सलमान के अपने परिवार से रिश्ते अच्छे नहीं थे और उनका परिवार उन्हें सही राह पर लाने की कोशिश करता रहा लेकिन नाकाम रहा.

मैनचेस्टर का हमलावर हमारा समर्थक: आईएस

उन्होंने कहा, "वो यूनिवर्सिटी में, पढ़ाई में अच्छा नहीं कर रहा था इसलिए उसने इसे बीच में छोड़ दिया. उसे यूरोपीय जीवनशैली में ढलने में दिक्क़त आ रही थी, वो लोग उसे कई बार लीबिया वापस ले गए थे."

मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि आबदी के कट्टरपंथी विचारों के बारे में उसके कॉलेज के दो लोगों ने हॉटलाइन पर जानकारी भी दी थी.

उन्होंने बताया कि आबदी चरमपंथ का समर्थन करता है और आत्मघाती हमलावर होने को भी वो सही मानता था.

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