विमानों में लैपटॉप ले जाने पर पाबंदी लगा सकता है अमरीका

  • 29 मई 2017
इमेज कॉपीरइट AFP

अमरीका में अधिकारी चरमपंथ के ख़तरों को देखते हुए सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों के अपने साथ लैपटॉप रखने पर पाबंदी लगाने पर विचार कर रहे हैं.

अमरीका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के प्रमुख जॉन केली ने कहा है कि चरमपंथियों को किसी अमरीकी विमान को उड़ा देने का ख़याल बहुत ज़्यादा अच्छा लगता है और इसलिए ये ख़तरा बहुत वास्तविक है.

अमरीका ने पहले से ही आठ देशों से अमरीका आने-जाने वाले विमानों में लैपटॉप ले जाने पर पाबंदी लगाई हुई है जिनमें अधिकतर मध्य पूर्व के मुस्लिम देश हैं.

दो हफ़्ते पहले अधिकारियों ने फ़ैसला किया कि इस पाबंदी को अमरीका और यूरोप के बीच उड़ने वाले विमानों पर लागू नहीं किया जाएगा.

लेकिन केली की टिप्पणी के बाद अमरीका के उस फ़ैसले को लेकर संदेह पैदा हो गया है.

आठ मुस्लिम देशों से आने वाले विमानों में लैपटॉप लाने पर रोक

ये है हवाई जहाज़ में लैपटॉप ले जाने पर लगी रोक का तोड़?

इमेज कॉपीरइट Getty Images

पहले आठ देशों पर लगाई गई थी पाबंदी

जॉन केली ने टीवी चैनल फ़ॉक्स न्यूज़ के साथ एक बातचीत में ये सब बातें कहीं जिसमें उनसे ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में हुए बम हमले के बाद चरमपंथ का सामना करने की कोशिशों को लेकर सवाल पूछे गए.

केली ने कहा,"हम अभी भी ख़ुफ़िया जानकारियाँ हासिल कर रहे हैं. ख़तरा वाकई बड़ा है और ये किस ओर जा रहा है उसे देखते हुए मैं फ़ैसला करूँगा. "

इमेज कॉपीरइट QATAR AIRWAYS

अमरीका ने मार्च में आठ देशों की उड़ानों में केबिन में स्मार्टफ़ोन से बड़े किसी भी डिवाइस को ले जाने पर पाबंदी लगा दी थी.

ये देश थे - तुर्की, मोरक्को, जॉर्डन, मिस्र, यूएई, क़तर, सऊदी अरब और कुवैत.

ब्रिटेन ने भी छह देशों की उड़ानों पर ऐसी ही पाबंदी जारी की थी.

हालाँकि हवाई सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विमान के लगेज में बड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जाने देने पर उनकी लिथियम बैटरी से आग लगने का ख़तरा कहीं ज़्यादा गंभीर है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे