ब्रितानी चुनाव: वो बातें जो आप को नहीं मालूम

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ब्रिटेन में पूर्व चुनाव

ब्रिटेन में हाउस ऑफ कॉमन्स की 650 सीटों के लिए 8 जून को चुनाव होने हैं. इन चुनावों में 3,300 से भी ज़्यादा उम्मीदवार भाग ले रहे हैं.

इन चुनावों में ऐतिहासिक रूप से सबसे ज़्यादा महिला उम्मीदवार भाग ले रही हैं. कुल उम्मीदवारों में 30 फीसदी महिलाएं हैं.

पिछला रिकॉर्ड 2015 का है जब महिला उम्मीदवारों का अनुपात 26 फीसदी थी. हालांकि महिला उम्मीदवारों की कुल संख्या 1,036 से कम होकर 983 हो गई है.

लेबर पार्टी ने दूसरी पार्टियों की तुलना ज़्यादा महिलाओं को टिकट दिया है. उनके कुल उम्मीदवारों में 41 फीसदी महिलाएं हैं. कंजर्वेटिव पार्टी ने 28 फीसदी महिला उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं.

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लेबर पार्टी की चुनौती

लेबर पार्टी के सामने एक और चुनौती है. 2015 में लेबर पार्टी की महिला उम्मीदवारों का रिकॉर्ड दूसरी पार्टियों की तुलना में ज्यादा अच्छा रहा था.

यही वजह है कि उन पर पिछली बार सीटों को बचाए रखने की चुनौती ज़्यादा है.

दिलचस्प बात ये भी है कि 2015 में दोनों बड़ी पार्टियां जिन सीटों पर चुनाव हार गई थीं, वहां उन्होंने 10 फीसदी से भी कम महिला उम्मीदवारों को मौका दिया है.

इसका मतलब ये हुआ कि अगर लेबर पार्टी के पांच फीसदी वोट बढ़ते हैं तो उसके पास 16 महिला और 32 पुरुष सांसद बढ़ जाएंगे.

लेकिन अगर कंजर्वेटिव पार्टी के इतने ही वोट बढ़ते हैं तो उसके खाते में 18 महिला और 30 पुरुष सांसद बढ़ जाएंगे.

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कंजर्वेटिव पार्टी का जोर

कंजर्वेटिव पार्टी ने दूसरी पार्टियों की तुलना में इस बार ज्यादा उम्मीदवार उतारे हैं लेकिन 2015 के लिहाज से देखें तो ये संख्या कम है.

वह उत्तरी आयरलैंड की 18 में से सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि ब्रिटेन में एक सीट को छोड़कर हर जगह उसके उम्मीदवार मैदान में हैं.

2015 में भी कंजर्वेटिव पार्टी ने उत्तरी आयरलैंड की 16 सीटों पर चुनाव लड़ा था. जबकि लेबर पार्टी उत्तरी आयरलैंड में चुनाव नहीं लड़ी थी.

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मैदान छोड़ने वाले सांसदों की संख्या कम

इस बार लिबरल डेमोक्रेट्स ने लेबर पार्टी की तुलना में कम उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं.

ऐसा शायद इसलिए है कि उनके चुनाव जीते अभी दो साल ही बीते थे. 2015-17 के लिए चुने गए लेबर पार्टी के 14 और कंजर्वेटिव पार्टी के 12 सांसद मैदान से हट गए हैं.

पहले के चुनावों की तुलना में देखें तो ये संख्या बहुत कम लगती है. 2015 में 39 लेबर सांसद और 38 कंजर्वेटिव सांसद मैदान से हट गए थे.

इस बार मैदान से हटने वाले 12 कंजर्वेटिव सांसदों में 11 पुरुष हैं. उनकी जगह लेने वाले उम्मीदवारों में से छह महिला हैं.

लेबर पार्टी के मामले में 14 में से 11 पुरुष सांसद पीछे हटे हैं और इनकी जगह लेने वालों में 10 महिलाएं हैं.

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Image caption ब्रिटेन के मौजूदा स्पीकर जॉन बेरकाउ बकिंघम से चुनाव लड़ रहे हैं

स्पीकर का पद

हाउस ऑफ़ कॉमंस का स्पीकर सांसदों के बीच से ही चुना जाता है. भारत में भी ऐसी ही व्यवस्था है.

स्पीकर के तौर पर फिर से चुने जाने के लिए उस सांसद को फिर से अपने निर्वाचन क्षेत्र से चुनकर आना होगा. स्पीकर को राजनीतिक रूप से तटस्थ माना जाता है.

इसलिए पांरपरिक रूप से हाउस ऑफ कॉमन्स की बड़ी पार्टियां स्पीकर के ख़िलाफ़ उम्मीदवार नहीं उतारती हैं.

ब्रिटेन के मौजूदा स्पीकर जॉन बेरकाउ बकिंघम से चुनाव लड़ रहे हैं. स्पीकर होने के कारण वे कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य नहीं रहे.

लेकिन जॉन बेरकाउ की सीट सांसदों की गिनती के हिसाब-किताब के लिहाज कंजर्वेटिव पार्टी के खाते में ही गिनी जाती है.

स्पीकर बनने से पहले वे 1997, 2001 और 2005 का चुनाव कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य के तौर पर ही जीते थे.

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