क़तरः जहाँ तीसरी बड़ी आबादी हिंदुओं की

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अरब जगत का देश क़तर ऐसा देश नहीं है जो अक्सर सुर्खियों में रहता है लेकिन सोमवार को क़तर तब सुर्खियों में आया जब उससे कूटनीतिक संबंध ख़त्म कर खाड़ी देशों ने उसे अलग-थलग कर दिया.

सउदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के अलावा यमन और लीबिया ने क़तर के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ दिए.

इन छह देशों ने क़तर पर कथित इस्लामिक स्टेट और अल-क़ायदा का समर्थन करने का आरोप लगाया है. क़तर ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है.

छह मुस्लिम बहुल देशों ने क़तर से तोड़े संबंध

क़तर-अरब देशों के विवाद में भारत किधर?

रोज़गार के लिए कई देशों के लोग क़तर जाते हैं. क़तर में 2022 का फ़ुटबॉल विश्व कप खेला जाना है जिसके लिए तैयारियां जारी हैं.

खाड़ी देशों के क़तर से संबंध तोड़ने से कई समीकरण बदलेंगे लेकिन आख़िर क़तर के बारे में हम कितना जानते हैं?पढ़ें क़तर की पांच ख़ास बातें.

महिला पुरुष अनुपात बेहद असंतुलित

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25 लाख की जनसंख्या वाले देश में सात लाख से भी कम हैं महिलाएं.

क़तर में लिंग अनुपात के बिगड़ने की प्रमुख वजह है यहां की जनसंख्या में ज़बरदस्त बढ़ोतरी, क़तर एक ऐसा देश है जहां प्रवासियों की बड़ी संख्या है जिनमें युवा पुरुषों की तादाद बहुत है.

क़तर में रोज़गार की तलाश में आने वाले लोगों की संख्या काफ़ी बढ़ी है. 2003 में क़तर की जनसंख्या सात लाख थी जो 2016 में बढ़कर 25 लाख हो गई है.

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प्रवासी महिलाएं भी क़तर आ रही हैं लेकिन फिर भी क़तर आने वाले पुरुषों की संख्या ज़्यादा है क्योंकि इनमें से ज़्यादातर आगामी विश्व कप के लिए निर्माण कार्य में लगे हैं.

क़तर में दुनिया भर से प्रवासी पहुंच रहे हैं लेकिन भारत और नेपाल से आने वाले प्रवासियों की संख्या सबसे अधिक है.

सीआईए की वर्ल्ड फ़ैक्टबुक के मुताबिक मुस्लिम और ईसाई समुदाय के बाद क़तर में हिंदू तीसरा सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय है.

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नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना लेकर क़तर आने वाले लोगों की दिक्कतों की ख़बरें सामने आती रही हैं. क़तर में प्रवासी कामगारों के लेबर कैंप में बदतर हालात में रहने की रिपोर्टें भी कई बार सामने आ चुकी हैं.

क़तर ने श्रमिकों की स्थिति में सुधार का वादा तो किया था लेकिन एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट 2016/17 के मुताबिक क़तर में अब भी श्रमिकों का शोषण हो रहा है.

लंदन के सबसे बड़े ज़मींदार?

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लंदन में संपत्ति और ज़मीन ख़रीने में क़तर पिछले एक दशक काफ़ी आगे रहा है.

लंदन में द शार्ड, हैरॉड्स, चेल्सी बैरेक्स और द ओलंपिक विलेज में क़तर की हिस्सेदारी है.

क़तर के वित्त मंत्री अली शरीफ़ अल इमादी ने बीबीसी से मार्च महीने में कहा था कि उनका अनुमान है कि ब्रिटेन में क़तर ने 35 से 40 अरब पाउन्ड ( 45 से 51 अरब डॉलर) का निवेश किया है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि ब्रिटेन में क़तर आने वाले तीन से पांच साल में पांच अरब पाउन्ड का निवेश करने की योजना बना रहा है.

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क़तर कला का क़द्रदान

एक रूढ़िवादी देश माना जाने वाले क़तर ने पिछले कुछ सालों में कई कला प्रदर्शनियों को प्रायोजित किया है.

साल 2013 में मशहूर विवादित कलाकार डेमियन हर्स्ट की मध्यपूर्व में पहली एकल प्रदर्शनी की मेज़बानी क़तर ने की थी.

उसी साल क़तर के अमीर शेख अल थानी की बहन शेखा अल मयस्सा बिन्त हमद बिन ख़लीफ़ा अल थानी भी आर्ट रिव्यू की पावर 100 की सूची में सबसे टॉप पर थीं. वो क़तर संग्रहालत प्राधिकरण की अध्यक्ष हैं.

अब क़तर में नौकरी आसान नहीं?

एक समय में ये अफ़वाह थी कि वो एक साल में कला पर एक अरब डॉलर तक खर्च करती हैं.

दोहा में इस्लामिक कला का संग्रहालय भी है जो 2008 में खोला गया था. कहा जाता है कि इस संग्रहालय में पिछले 1,400 सालों में तीन महाद्वीपों की इस्लामिक कला के नमूने रखे गए हैं.

टेडी बीयर

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संग्रहालय और प्रदर्शनियों के बाहर भी क़तर के कला प्रेम के उदाहरण देखने को मिलते हैं.

दोहा के हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगा 23 फ़ुट का पीला टेडी बीयर इस बात का उदाहरण है.

इसे स्विस कलाकार उर्स फ़िशर ने एक दशक पहले बनाया था, पीतल से बने इस टेडी बीयर का वज़न क़रीब 20 टन हैं.

न्यूयॉर्क में हुई नीलामी से 2011 में 68 लाख डॉलर में ये टेडी बीयर ख़रीदा गया था.

रईसों का देश लेकिन कुछ ही अमीर?

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क़तर एक छोटा सा देश है लेकिन यहां रईस भी कई हैं.

इसके तेल और गैस के कुओं और अच्छे निवेश के चलते दुनिया में प्रति व्यक्ति जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में क़तर काफ़ी सबसे बेहतरीन है.

सीआईए की वर्ल्ड फ़ैक्ट बुक के मुताबिक 2016 में, क़तर की प्रति व्यक्ति जीडीपी 129,700 डॉलर के क़रीब थी, जबकि क़तर के बाद नंबर था लग्ज़मबर्ग का, जहां की प्रति व्यक्ति जीडीपी से ये 20 हज़ार डॉलर ज़्यादा था.

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वहीं सोमालिया का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद महज़ 400 डॉलर बताया जाता है.

हालांकि, क़तर में धन के बंटवारे में काफ़ी असंतुलन है.

पूर्व अमीर शेख हमाद बिन ख़लीफ़ा अल थानी के पास कथित तौर पर 2.4 अरब डॉलर की दौलत थी.

लेकिन 2015 में कई प्रवासियों ने बीबीसी को बताया कि वो प्रति माह 350 डॉलर तक ही कमा रहे हैं.

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