क़तर से सहानुभूति दिखाने पर 15 साल जेल: यूएई

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Image caption रियाद में क़तर एयरवेज़ का दफ़्तर

संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि अगर किसी ने क़तर के लिए सहानुभूति जताई, तो उसे 15 साल जेल की सज़ा दी जाएगी.

संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी-जनरल ने कहा है कि क़तर के समर्थन में सोशल मीडिया पर किसी भी किस्म का संदेश पोस्ट करना अब साइबर क्राइम माना जाएगा.

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Image caption दोहा शहर

सोमवार को सऊदी अरब, मिस्र, बहरीन, यमन, लीबिया और संयुक्त अरब अमीरात ने क़तर के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ने का ऐलान किया था.

तभी से क़तर अपने नागरिकों के लिए खाने-पीने की सामग्री हवाई रूट के ज़रिए ईरान और तुर्की से मंगा रहा है.

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Image caption क़तर की राजधानी दोहा में पानी ले जाता एक शख़्स

चेतावनी

मध्य-पूर्व के देशों के बीच बनी इस ताज़ा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए जर्मनी के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि यह मध्य पूर्व की राजनीति का 'ट्रम्पिफ़िकेशन' है, जो इन देशों के लिए सही नहीं है.

क़तर का विरोध कर रहे सभी 6 मुस्लिम देशों ने क़तर के विमानों पर अपने हवाई क्षेत्र में उड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है.

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हालांकि, क़तर और सऊदी अरब के बीच इस संकट को हल करने का प्रयास लगातार जारी है. कुवैत के अमीर इन देशों के बीच मध्यस्थता का नेतृत्व कर रहे हैं.

जबकि क़तर के विरोध में खड़े सभी खाड़ी देशों का आरोप है कि क़तर लगातार कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहा है, जो उनके लिए खतरा हैं.

मंगलवार शाम अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए यह दावा किया था कि उनके कहने पर ही मुस्लिम देश क़तर से अलग हुए हैं.

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क़तर और 6 मुस्लिम देशों के बीच हुए विवाद के कारण तेल की कीमतों, हवाई कीमतों और खानपान की सामग्री पर प्रभाव पड़ा है.

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