'सऊदी शाह सलमान के दिल में हैं क़तर के लोग'

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Image caption मक्का में मस्जिद-अल-हरम मुसलमानों का सबसे पवित्र स्थान है.

सऊदी अरब के अधिकारियों के कथित तौर पर क़तर के कुछ नागरिकों को मक्का की मस्जिद में जाने रोकने की अरबी मीडिया में चर्चा है.

मक्का की मस्जिद-अल-हरम मुसलमानों का पवित्र धार्मिक स्थल है.

बीबीसी मॉनिटरिंग के मुताबिक दोहा स्थित अख़बार अल-शर्क़ ने क़तर के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हवाले से ये ख़बर छापी है.

अख़बार के मुताबिक क़तर के मानवाधिकार आयोग को शिकायतें मिली हैं कि क़तर के कुछ नागरिकों को मस्जिद-अल-हरम जाने से रोका गया है.

मानवाधिकार आयोग के प्रमुख अली बिन शेख अल मर्री ने अख़बार से कहा, "ये मानवाधिकार सम्मेलन के तहत मिले धार्मिक संस्कार करने के अधिकारों का घोर उल्लंघन है."

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'शाह के दिल में हैं क़तर के लोग'

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वहीं सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा है- "क़तर के लोग शाह सलमान के दिल में रहते हैं."

मंत्रालय ने ट्वीट किया, "क़तर के लोग सऊदी अरब के अपने भाइयों जैसे ही हैं. शाह सलमान क़तर और सऊदी परिवारों के मानवाधिकारों के मुद्दों को सुनते हैं."

सऊदी के आंतरिक मंत्रालय ने ऐसी शिकायतों के लिए हॉटलाइन नंबर भी जारी किया है.

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बढ़ रहा है तनाव

क़तर और अन्य खाड़ी देशों के बीच हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है.

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क़तर संकट आगे क्या होगा?

सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, यमन और मिस्र ने क़तर पर चरमपंथ को बढ़ावा देने के आरोप लगाने के बाद संबंध तोड़ लिए हैं.

इन देशों ने क़तर पर यात्रा प्रतिबंध भी लगाए हैं. क़तर ने सभी तरह के आरोपों को नकारते हुए इन प्रतिबंधों को अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है.

उधर ईरान ने रविवार को क़तर के लिए फल, सब्ज़ियों वाले कई प्लेन भेजे हैं.

फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि ये मदद के तहत किया गया है या फिर किसी वाणिज्य सौदे के तहत हुआ है.

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