बहुमत खोने के बाद टेरीज़ा मे ने सांसदों से माफ़ी मांगी

  • 13 जून 2017
इमेज कॉपीरइट PA

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने संसदीय चुनाव में बहुमत खोने के बाद कंजरवेटिव पार्टी के सांसदों से चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के लिए माफ़ी मांगी है.

टेरीज़ा मे ने कहा है, " मैंने ही सबको मुश्किल में डाला है, मैं ही सबको निकालूंगी."

उन्होंने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि वो तब तक प्रधानमंत्री रहेंगी जब तक वो चाहेंगे.

ब्रिटेन में त्रिशंकु संसद, आगे क्या होगा?

प्रीत गिल बनीं ब्रिटेन की पहली महिला सिख सांसद

ब्रिटेन में आठ जून को आम चुनाव हुए जिसमें सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी ने बहुमत खो दिया. हालांकि उसे सबसे ज़्यादा सीटें मिली हैं.

लेकिन टेरीज़ा मे ने कहा कि वो प्रधानमंत्री का पद नहीं छोड़ेंगी और गठबंधन सरकार बनाएंगी.

ब्रिटेन में पिछले साल यूरोपीय संघ से अलग होने के मसले पर जनमत संग्रह हुआ था जिसमें यूरोपीय संघ से अलग होने के पक्ष में ज़्यादा वोट पड़े थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस्तीफ़ा दे दिया था और टेरीज़ा मे प्रधानमंत्री बनीं थी.

टेरीज़ा मे ने ब्रेक्सिट की प्रक्रिया शुरू करने से पहले समय पूर्व चुनाव कराने का फ़ैसला किया था लेकिन नतीजे उनकी उम्मीद से अलग आए थे.

ब्रिटेन के चुनाव के नतीजे

  • कंज़र्वेटिव पार्टी 318
  • लेबर पार्टी 262
  • स्कॉटिश नेशनल पार्टी 35
  • लिबरल डेमोक्रेटिक 12
  • डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी 10

650 सीटों वाली ब्रितानी संसद में बहुमत के लिए 326 सीटें चाहिए.

असमंजस में सरकार

ब्रिटेन में गठबंधन सरकार बनाने की कोशिशें जारी हैं, इस बीच महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के अभिभाषण में देरी को लेकर असमंजस बना हुआ है.

ब्रिटेन की सरकार में एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कंजरवेटिव पार्टी और डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट्स पार्टी आने वाले दिनों में गठबंधन पर सहमति बना लेंगी जिससे कंजरवेटिव पार्टी की अल्पमत सरकार की योजनाओं को ब्रितानी संसद के निचले सदन में मंज़ूरी दिलाई जा सकेगी.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

लेकिन विदेश विभाग के फर्स्ट सेक्रेटरी डेमियन ग्रीन ने कहा कि अगले संसदीय सत्र के लिए महारानी का अभिभाषण योजना के अनुसार 19 जून को हो पाएगा या नहीं इसकी पुष्टि वो नहीं कर सकते.

लेबर पार्टी का कहना है कि सरकार में अफ़रा-तफ़री मची हुई है और वोटरों के संदेश को भी सरकार नकार रही है.

लेकिन टेरीज़ा मे ने '1922 कमेटी' की एक बैठक में रिपोर्टों के मुताबिक समय से पहले आम चुनाव कराने और उनके नतीजों की ज़िम्मेदारी ली है.

'डीयूपी के वीटो'

टेरीज़ा मे ने बैकबेंच सांसदों की कमेटी को बताया कि डीयूपी सरकार के अजेंडे पर वीटो नहीं कर सकेगी.

चुनावी के नतीजे आने के बाद टेरीज़ा मे के इस्तीफ़े की मांग भले ही धीमी पड़ गई है लेकिन उनकी शख़्सित पर ज़रूर विपरीत प्रभाव पड़ा है.

चुनाव में टेरीज़ा मे का दांव उल्टा पड़ने के बाद कंजरवेटिव नेतओं का मानना है कि पार्टी को नतीजे से सीख लेनी चाहिए और कई मुख्य मुद्दों पर अपने रुख में बदलाव करना चाहिए.

चुनाव में अपनी सीट खोने वाले गैविन बैरवेल ने कहा कि लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने ब्रेक्सिट और कठोर कदम उठाने को लेकर लोगों के गुस्से को अपने पक्ष में इस्तेमाल किया.

इमेज कॉपीरइट GETTY IMAGES

उनहोंने बीबीसी पैनोरामा को बताया कि सरकार को ब्रेक्सिट के खिलाफ़ रहने वाले वोटरों की बात भी सुननी चाहिए थी.

इस बीच स्कॉटिश कंजरवेटिव नेता रूथ डेविडसन ने कहा कि ब्रेक्सिट में अर्थव्यवस्था और मुक्त व्यापार को प्राथमिकता देनी चाहिए और अन्य पार्टियों को बातचीत में शामिल करना चाहिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)