उ. कोरिया से व्यापार करने वालों पर पांबदी लगाएगा अमरीका

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अमरीका अब उन देशों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी के बारे में विचार कर रहा है जो उत्तर कोरिया के साथ गैर क़ानूनी व्यापार करते हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि व्हाइट हाउस जल्द ही इन देशों पर प्रतिबंध लगाने पर फ़ैसला लेगा.

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ट्रंप प्रशासन उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को रोकने के लिए दबाव बढ़ा रहा है.

प्योंगयांग के हालिया मिसाइल परीक्षण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख़तरे का संकेत दिया है. संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही उत्तर कोरिया पर मिसाइल परीक्षण पर बैन लगा रखा है.

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माना जाता है कि उत्तर कोरिया ऐसे अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल बना रहा है जिनकी मारक क्षमता अमरीका तक है. टिलरसन की यह चेतावनी मंगलवार को अमरीकी सीनेट के विदेशी मामलों की समिति की बैठक के दौरान आई है.

विदेश मंत्री ने कहा, "हम ऐसी परिस्थिति में हैं जहां अब अगले चरण की कोशिश करनी होगी. हमने जिन देशों को सूचनाएं मुहैया कराई थीं, वो या तो अनिच्छुक हैं या वो ऐसा करने की उनमें क्षमता नहीं है, इसलिए दोहरे स्तर के प्रतिबंध लगाए जाने की शुरुआत करनी होगी."

तीसरी दुनिया के देशों पर असर

अमरीका का उत्तर कोरिया से कोई व्यापारिक संबंध नहीं है और अब वो तीसरी दुनिया के देशों की उन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहा है जो संयुक्त राष्ट्र के समझौतों का उल्लंघन करते हुए किम जोंग उन सरकार के साथ व्यापारिक संबंध बनाए हुए हैं.

हालांकि अपने बयान में टिलरसन ने किसी देश का साफ़ साफ़ नाम नहीं लिया.

उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के मुद्दे पर उसके सबसे बड़े सहयोगी चीन के साथ अगले सप्ताह उच्च स्तरीय वार्ता में बात की जाएगी.

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ये पूछे जाने पर कि क्या चीन उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने के लिए पर्याप्त उपाय कर रहा है, टिलरसन ने कहा, "उन्होंने क़दम उठाए हैं, जो दिखते हैं और जिनकी हम पुष्टि कर सकते हैं."

समिति की बैठक में टिलरसन ने कहा कि अधिक खुली आर्थिक गतिविधि की अमरीकी नीति का मतलब, क्यूबा की बेहद दमनकारी सत्ता को आर्थिक मदद मुहैया कराना है. शुक्रवार तक राष्ट्रपति ट्रंप व्यापार और ट्रैवल्स को लेकर कड़े क़ानून की घोषणा कर सकते हैं.

उन्होंने स्वीकार किया कि सीरिया और यूक्रेन में संघर्ष और अमरीका के राष्ट्रपति चुनावों में कथित हस्तक्षेप को लेकर रूस के साथ अमरीका के संबंध सबसे निचले स्तर पर हैं.

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