लंदन के टावर में भीषण आग, अब तक 12 मौतें

  • 14 जून 2017
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लंदन की बहुमंज़िला इमारत आग के आगोश में!

पश्चिमी लंदन के एक 24 मंज़िले टावर में मंगलवार रात लगी भयावह आग में अब तक 12 लोगों के मारे जाने की पुलिस ने पुष्टि की है.

चश्मदीदों का कहना है कि इस इमारत में लोग अब भी फंसे हुए हैं और लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं.

दमकलकर्मियों ने यहां से कई लोगों को सुरक्षित निकाला है लेकिन लंदन के मेयर सादिक़ ख़ान का कहना है कि अब भी कई लोग इसमें फंसे हुए हैं.

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रात में जब आग लगी तो उस वक़्त लोगों को लगा कि मोबाइल फ़ोन या टॉर्च की रौशनी है. कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई.

लंदन के फ़ायर कमिश्नर ने कहा है कि इस हादसे में कई लोगों की मौत हुई है. कम से कम 68 घायलों को पास के अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया है.

जो लोग 24 मंज़िली इमारत से सुरक्षित बचकर निकले उन्होंने बताया कि फंसे हुए लोग मदद के लिए चीख़ रहे थे, कुछ लोगों ने अपने बच्चों को खिड़की से बाहर निकाला हुआ था जबकि कुछ अन्य खिड़कियों से कूद रहे थे.

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पुलिस ने इस इस इमारत में फंसे लोगों के परिजनों और परिवारों वालों के लिए इमर्जेंसी नंबर जारी किया है. यह नंबर है- 0800 0961 233.

लंदन के मेयर सादिक़ ख़ान ने कहा है कि टावर की सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब मिलना बाक़ी है. ख़ान ने बीबीसी रेडियो से कहा, ''हम लोगों की सुरक्षा को जोखिम में डालने वाली स्थिति नहीं चाहते हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि टावर जोखिम भरा था और इसका ठीक से ख़्याल नहीं रखा जा रहा था.''

फायर ब्रिगेड्स यूनियन के मैट रैक ने बताया कि आग लगने से बचाव और उससे जुड़ी सुरक्षा के मामलों में कुछ भारी चूक हुई है. केन्ज़िंग्टन और चेल्सी के नेता बॉरो निक ब्रॉन ने कहा कि जब आग लगी तब इसमें कुछ सौ लोग इमारत में रहे होंगे. आग भारतीय समय के मुताबिक सुबह 6 बजे के बाद लगी थी. अब भी यहां से लोगों के निकालने काम ख़त्म नहीं हुआ है.

ग्रेनफ़ेल टावर के बारे में ख़ास बातें

  • इस टावर का निर्माण 1974 में किया गया था
  • इस टावर में 120 फ्लैट हैं
  • यह 24 मंजिला इमारत है
  • 20 आवासीय हैं
  • चार कॉम्युनिटी लेवल के हैं
  • 2016 में इस टावर की नवीनीकरण किया गया था
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अधिकारियों का कहना है कि जब आग लगी तब क़रीब 600 लोग इमारत में मौजूद थे.

बुरी तरह झुलसी हुई इमारत के भी गिरने की आशंका जताई जा रही है.

अभी तक आग के कारणों का पता नहीं चल सका है.

ग्रेनफ़ेल टावर को हाल ही में संवारा गया था.

प्रत्यक्षदर्शी

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत पूरी तरह दहक रही थी.

आग की सूचना स्थानीय समयानुसार आधी रात सवा एक बजे मिली. इसे बुझाने में 200 दमकलकर्मियों को लगाया गया है.

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बीबीसी के एंडी मूर ने कहा कि पूरा टावर दहक रहा था और उसके ढहने का डर पैदा हो गया है.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्हें टावर के सबसे ऊपरी माले से चमकती हुई रोशनी दिखाई दी. माना जा रहा है कि वो टॉर्च की रोशनी थी.

जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि उन्होंने टावर के सबसे ऊपर टॉर्च और मोबाइल फ़ोन की रोशनी देखी.

इमारत से सुरक्षित बाहर निकले डेविड बेंजामिन ने बताया, "मैं उसी फ़्लोर पर था जहां से आग शुरू हुई. मुझे मेरे पड़ोसी ने जगाया "

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एक बीबीसी संवाददाता ने कहा कि इमारत से मलबा गिर रहा था और धमाके की आवाज़ें भी सुनाई दी हैं. कांच के चटकने और टूटने की भी आवाज़ें सुनाई दे रही थीं.

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जब आग अपने पूरे जोर पर थी, पुलिस लगातार अपनी घेराबंदी पीछे हटाने लगी थी और लोगों को दूर जाने को कह रही थी क्योंकि इमारत के गिरने का ख़तरा पैदा हो गया था.

ख़तरे के प्रति पहले ही अगाह किया गया था

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केंसिंग्टन एंड चेल्सी काउंसिल के अनुसार, टावर के इस ब्लाक में कुल 120 फ़्लैट थे और यह 24 मंज़िल की इमारत थी.

इसकी देख-रेख केंसिंग्टन एंड चेल्सी टेनैंट मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (केसीटीएमओ) करता है. एक करोड़ पाउंड के ख़र्च से इमारत की दो साल तक हुई मरम्मत का काम अभी पिछले साल ही पूरा हुआ था.

एक स्थानीय ग्रेनफ़ेल एक्शन ग्रुप ने दावा किया कि मरम्मत के पहले और उसके दौरान इमारत में आग लगने का ख़तरा था और निवासियों ने चेतावनी दी थी कि इमारत में इमरजेंसी गाड़ियों तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया था.

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