साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया: अमरीका

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अमरीकी जांच एजेंसी 'एनएसए' ने अपनी रिपोर्ट में हालिया साइबर हमले 'वानाक्राई' के लिए उत्तर कोरिया को ज़िम्मेदार ठहराया है.

हालांकि, द वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि इस रिपोर्ट में सामने आई जानकारियां पूरी तरह से इस हमले के लिए उत्तर कोरिया को ज़िम्मेदार नहीं ठहराती हैं

वहीं, एनएसए का कहना है कि इस हमले का उद्देश्य उत्तर कोरियाई सरकार के ख़ज़ाने को भरना था.

सिक्योरिटी कंपनी सिमेंटेक का भी मानना है कि इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया से जुड़ा एक हैकिंग समूह था.

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चुनौती

लेकिन अन्य सिक्योरिटी फ़र्में इस हमले में उत्तर कोरिया का हाथ होने के दावे को चुनौती देती हैं.

वानाक्राई साइबर हमलों के पीड़ितों में ब्रिटेन के 60 एनएचएस ट्रस्टों, फ़ेडेक्स, रेनो समेत टेलीफ़ोनिका जैसी संस्थाएं शामिल हैं.

हमले का शिकार होने वाले लोगों को उनके कंप्यूटरों में सुरक्षित जानकारी को वापस पाने के लिए फिरौती की रकम देने को कहा गया था.

साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया तो नहीं?

इस अखबार का कहना है कि एनएसए की रिपोर्ट दावा करती है कि ये हमला उत्तर कोरिया की स्पाई एजेंसी आरजीबी ने प्रायोजित किया था.

सिमेंटेक की मानें तो ये हमला उत्तर कोरिया की तरफ से लेज़रस हैकिंग ग्रुप ने किया था.

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द वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा था है कि रिपोर्ट में जुटाए गए सबूत पूरी तरह से ये नहीं बताते हैं कि उत्तर कोरिया ज़िम्मेदार है, लेकिन उत्तर कोरिया के जुड़े होने की ओर इशारा जरूर करते हैं.

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चिंता

हालांकि, इंटेलिजेंस कंपनी फ़्लैश प्वॉइंट ने कहा है कि चीनी भाषा बोलने वाले हैकर इस हमले के लिए ज़िम्मेदार थे.

इसके साथ ही क्रिटिकल इंफ़्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट से जुड़े जेम्स स्कॉट लेज़रस और उत्तर कोरिया के मिले होने की बात को शक की नज़र से देखते हैं.

वे कहते हैं कि दोनों के मिले होने की बात कहना अपने आप में जल्दबाज़ी है.

इस साइबर अटैक से हासिल किए गए 140,000 अमरीकी डॉलर के बिटकॉइन्स को अब तक इस्तेमाल नहीं किया गया है.

सिक्योरिटी विशेषज्ञों की मानें तो ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि अगर इन पैसों का प्रयोग किया गया तो हमला करने वालों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा.

वहीं, फ़ायरआई से जुड़े एक कंप्यूटर सुरक्षा शोधार्थी ने रॉयटर्स से बात करते हुए कहा कि अगर उत्तर कोरिया वानाक्राई और अन्य हैकिंग की घटनाओं से जुड़ा हुआ है तो ये इस बात का संकेत हो सकता है कि वह ऐसे ही और इनसे भी बड़े हमलों की तैयारी कर रहा हो.

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