पाक मीडिया : 'पाकिस्तानी टीम जीतकर ईद का तोहफ़ा देगी'

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इस हफ़्ते पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो भारत प्रशासित कश्मीर में होने वाली हिंसक झड़पें, पनामा लीक्स मामले में नवाज़ शरीफ़ की जेआईटी के सामने पेशी और इंग्लैंड में चल रही क्रिकेट चैम्पियंस ट्रॉफ़ी से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात क्रिकेट की - इंग्लैंड में खेली जा रही आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी की ख़बरें अख़बारों के पहले पन्ने पर हैं.

ख़ासकर सबकी निगाहें रविवार को ओवल के मैदान में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले फ़ाइनल मुक़ाबल पर हैं.

अख़बार 'जंग' के अनुसार फ़ाइनल मैच की टिकट 15 गुना ज़्यादा क़ीमत पर ब्लैक हो रही है. अख़बार के अनुसार 140 पाउंड की टिकट अब 1000 से 2000 पाउंड में बिक रही है.

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अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार पूर्व क्रिकेटर इमरान ख़ान ने सलाह दी है कि टॉस जीतने के बाद पाकिस्तानी टीम को पहले बल्लेबाज़ी करनी चाहिए.

अख़बार 'जंग' ने एक दिलचस्प ख़बर दी है कि 1992 में भी जब पाकिस्तान वर्ल्ड कप का फ़ाइनल खेल रहा था उस समय रमज़ान का पवित्र महीना था.

'जंग' के अनुसार चैम्पियंस ट्रॉफ़ी का फ़ाइनल भी रमज़ान में हो रहा है और पाकिस्तानी टीम इस मुबारक महीने में जीतकर पाकिस्तानियों को ईद का तोहफ़ा देगी.

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अख़बार 'दुनिया' ने लिखा है कि शेक्सपियर के शहर में पाकिस्तानी टीम जीत की नई दास्तान लिखने को तैयार है.

अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी टीम भारत के पिछले पूरे रिकॉर्ड का हिसाब चुकाने के लिए बेचैन है.

पनामा लीक्स- नवाज़ शरीफ़ से पूछताछ

पनामा लीक्स की ख़बरें भी पूरे हफ़्ते छाईं रहीं. भ्रष्टाचार से जुड़े पनामा लीक्स मामले में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में बनी संयुक्त जांच टीम ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को पूछताछ के लिए बुलाया था.

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अख़बार 'जंग' के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ़ से तीन घंटे तक पूछताछ हुई.

बाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि उन्होंने जांच कमेटी के सामने पाई-पाई का हिसाब दे दिया है.

'जंग' के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ़ का कहना था, "संविधान और क़ानून की सर्वोच्चता के हवाले से आज का दिन संगमील (मील का पत्थर) का दर्जा रखता है. सरकार और मेरे पूरे ख़ानदान ने अपने आप को जांच के लिए पेश कर दिया है."

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पाकिस्तान के इतिहास में ये पहली बार हुआ है जब एक प्रधानमंत्री एक संदिग्ध की हैसियत से किसी जांच कमिटी के सामने पेश हुए हैं.

नवाज़ शरीफ़ ने आगे कहा कि अब कठपुतलियों के खेल नहीं खेले जा सकते.

शरीफ़ का कहना था कि उनकी सरकार या उनके परिवार के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है, बल्कि उनके निजी कारोबार को निशाना बनाया जा रहा है.

'पाकिस्तान एक्सप्रेस' के अनुसार नवाज़ शरीफ़ के प्रवक्ता मुसद्दिक़ मलिक ने कहा कि ज्वाइंट इवेस्टिगेशन टीम द्वेष की भावना से काम कर रही है.

उन्होंने कहा, "पक्षपातपूर्ण फ़ैसलों से प्रजातंत्र मज़बूत नहीं होगा."

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लेकिन नवाज़ शरीफ़ के बयान का जवाब देते हुए प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने कहा कि जब प्रधानमंत्री एक संदिग्ध की हैसियत से जांच कमिटी के सामने पेश होता है तो सब कुछ ख़त्म हो जाता है.

नेता प्रतिपक्ष ख़ुर्शीद शाह ने नवाज़ शरीफ़ के कठपुतली वाले बयान पर चुटकी लेते हुए कहा, "मियां साहब ख़ूब जानते हैं, पुतलियां कौन नचाता है और कौन नाचता है."

एक और विपक्षी नेता पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के इमरान ख़ान ने कहा कि पूरा पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट और जेआईटी के साथ है.

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पीपीपी के सह-प्रमुख बिलावल भुट्टो ने नवाज़ शरीफ़ और इमरान ख़ान दोनों को आड़े हाथों लिया.

अख़बार 'दुनिया' के मुताबिक़ बिलावल भुट्टो का कहना था, "नवाज़ शरीफ़ और इमरान ख़ान दोनों ही सत्ता की पैदावार हैं और अवाम दोनों से छुटकारा चाहती है."

'जंग' ने इस पर एक संपादकीय भी लिखा है. संपादकीय में अख़बार लिखता है कि प्रधानमंत्री का जेआईटी के सामने पूछताछ के लिए हाज़िर होना ख़ुशी की बात है.

अख़बार के अनुसार न्याय ही समाज की सुरक्षा की सबसे बड़ी ज़मानत है. अख़बार के अनुसार क़ानून का राज होना पाकिस्तान की राष्ट्रीय सफलता है.

'रमज़ान में सेना का ज़ुल्म'

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भारत प्रशासित कश्मीर में हुई हिंसक झड़पें भी पाकिस्तानी अख़बारों में पहले पन्ने पर छपीं.

अख़बार 'दुनिया' के अनुसार शुक्रवार को हुई हिंसा में छह पुलिसकर्मी और पांच नागरिक मारे गए. अख़बार के अनुसार लोग पाकिस्तान के झंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.

'नवा-ए-वक़्त' का आरोप है कि रमज़ान के पवित्र महीने में भी भारतीय सेना का ज़ुल्म जारी है.

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