अमरीका ने सीरिया के सुखोई विमान को मार गिराया

  • 19 जून 2017
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अमरीका की अगुवाई वाले गठबंधन सेना के लड़ाकू विमान ने सीरिया में सरकारी सेना के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया है.

अमरीका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सुखोई-22 लड़ाकू विमान ने सीरियाई डेमोक्रेटिक फ़ोर्सेज के क़रीब बमबारी की, जिसके बाद एफ़/S-18 ई सुपर हॉर्नेट ने उसे मार गिराया.

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सीरियाई संकट में ऐसा पहली बार हुआ है, जबक अमरीकी गठबंधन ने सीरियाई विमान को नष्ट कर दिया है. सीरिया ने इस घटना की निंदा की है और कहा है कि इसके 'गंभीर नतीजे' होंगे.

उधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स ने कहा है कि रविवार को सीरिया में इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों को निशाना बनाते हुए उसने ईरान से कई मिसाइल दागे हैं.

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1999 के बाद पहली घटना

सीरिया के ताबक़ा क़स्बे के पास सीरियाई डेमोक्रेटिक फ़ौजें इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों के साथ लड़ाई कर रही हैं. रक़्क़ा शहर पर क़ब्ज़े के लिए चलाए गए अभियान के तहत ये लड़ाई चल रही है. यह क़स्बा चरमपंथियों का गढ़ बना हुआ है.

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सुखोई-22 ने रविवार को दोपहर बाद इस क़स्बे के पास ही बम गिराए थे. ऐसा माना जाता है कि 1999 में कोसोवो सैन्य अभियान के बाद अमरीका द्वारा हवा से हवा में लड़ाकू विमान को मार गिराने की यह पहली घटना है.

पेंटागन ने कहा कि सरकार समर्थित फ़ौजें रक्का में नहीं लड़ रही हैं लेकिन वो आस पास के इलाके में इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ मैदान साफ़ करने का काम कर रही हैं.

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Image caption अमरीकी गठबंध फ़ौजें सीरियाई डेमोक्रेटिक फ़ौजों को हथियार और ट्रेनिंग दे रही हैं, जिससे तुर्की नाराज़ है

गंभीर परिणाम की धमकी

पेंटागन के बयान में कहा गया है कि गठबंधन फ़ौजें, सीरियाई सरकार, रूस या सरकार समर्थित फ़ौजों के ख़िलाफ़ नहीं हैं लेकिन वो गठबंधन या साझीदार फ़ौजों की सुरक्षा के लिए पीछे नहीं हटेंगी.

सरकारी टेलीविज़न के अनुसार, सीरियाई सरकार ने कहा है कि उनका लड़ाकू विमान इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ मिशन पर था, उसी समय उस पर हमला हुआ.

सीरियाई सरकार के अनुसार, इसके 'गंभीर परिणाम' होंगे. सेना ने कहा है कि विमान का पायलट लापता है.

उधर, रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावारोव ने कहा कि सभी देशों को सीरिया की संप्रभुता का पूरी तरह सम्मान करना चाहिए.

मास्को स्थित बीबीसी संवाददाता स्टीव रोज़नबर्ग ने कहा है कि रूस जितना सीरियाई सरकार का कट्टर समर्थक है, उसका बयान बहुत नरमी वाला है.

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हाल के दिनों में हुई घटनाएं

  1. इस महीने की शुरुआत में अमरीका ने सीरियाई सरकार समर्थित सैन्य ड्रोन को तब मार गिराया था, जब सीरिया और इराक़ की सीमा अल तान्फ़ बॉर्डर क्रासिंग पर उसने गठबंधन फ़ौजों पर फ़ायर किया था.
  2. मई में अमरीकी गठबंधन के विमान ने सीरियाई सरकार समर्थित फ़ौजों के काफ़िले पर बमबारी की थी. कथित तौर पर ये काफ़िला विद्रोही लड़ाकों और पश्चिमी विशेष फ़ौजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अल तफ़्न बेस की ओर जा रहा था.
  3. बीते अप्रैल में अमरीकी ने सीरिया के शायरात एयरबेस पर 59 टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल दागे थे. कथित तौर पर ये हमला विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इदलिब प्रांत में रासायनिक हमले के संदेह की प्रतिक्रिया में किए गये थे.
  4. सितम्बर 2016 में अमरीकी गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने ग़लतफ़हमी में सीरियाई सैनिकों पर बमबारी कर दी थी. अमरीका ने इस घटना पर अफ़सोस जताया था. रूस के अनुसार इसमें 62 सीरियाई सैनिकों की मौत हुई थी.

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