अमरीका ने सीरिया में ईरान में बने ड्रोन को मार गिराया, रूस नाराज़

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Image caption अमरीकी सेना का कहना है कि उसके एफ़-16 लड़ाकू विमान ने ड्रोन को मार गिराया

अमरीका के एक लड़ाकू विमान ने सीरिया में एक ड्रोन को मार गिराया है जिसपर रूस ने सख़्त नाराज़गी प्रकट की है.

अमरीकी रक्षा विभाग का कहना है कि ये ड्रोन ईरान में बना था और जिसका सीरिया सरकार की समर्थक सेनाएँ इस्तेमाल कर रही थीं.

उनके अनुसार ये ड्रोन हथियारबंद था और इससे ज़मीन पर मौजूद अमरीका की अगुआई वाली गठबंधन सेनाओं को ख़तरा हो सकता था.

मगर रूस के विदेश उपमंत्री सर्गेर रैबकोफ़ ने कहा कि ये कार्रवाई चरमपंथियों के साथ सांठ-गांठ के बराबर है.

अमरीका ने पिछले रविवार को ही सीरिया के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया था और इस महीने के आरंभ में एक और ड्रोन को गिरा दिया था.

रविवार के हमले के बाद रूस ने कहा था कि वो अब गठबंधन सेनाओं के विमानों को निशाने के तौर पर देखेगा.

अमरीका ने सीरिया के सुखोई विमान को मार गिराया

सीरियाई विमान को गिराने के बाद अमरीकी गठबंधन को रूस की चेतावनी

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Image caption ईरान ने 2012 में अपने शाहिद 129 ड्रोन का वीडियो फ़ुटेज जारी किया था

बन रही है युद्ध की स्थिति

इन घटनाओं के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने आशा जताई है कि अमरीका और रूस अपने बीच के तनाव को दूर करेंगे.

तनाव को देखते हुए सीरिया में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना ने एहतियात के तौर पर अपने अभियान को स्थगित कर दिया है.

ताज़ा घटना मंगलवार रात की है जब स्थानीय समयानुसार रात साढ़े बारह बजे में अमरीका के एफ़-15 विमान ने पूर्वोत्तर सीरिया के तन्फ़ शहर के पास एक ड्रोन को मार गिराया.

बीबीसी के रक्षा और कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जोनाथन मार्कस का कहना है कि ये घटना दिखाती है कि इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ पूर्वोत्तर सीरिया पर नियंत्रण के लिए लड़ाई की स्थिति बनती जा रही है.

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Image caption अमरीका के ऐसे ही एक विमान ने रविवार को सीरिया के एक विमान को मार गिराया था

इस्लामिक स्टेट के बड़े नेता की मौत

इस बीच एक अन्य घटना में अमरीकी सेना ने आधिकारिक तौर पर ये कहा है कि पिछले महीने सीरिया में गठबंधन सेनाओं के एक हवाई हमले में तथाकथित इस्लामिक स्टेट के बड़े मौलवी तुर्की-अल-बिनाली की मौत हो गई है.

इस्लामिक स्टेट के समर्थकों ने भी उनकी मौत की ख़बर दी थी.

बीबीसी मॉनिटरिंग के अनुसार मूलतः बहरीन के रहने वाले बिनाली 2014 में आईएस से जुड़े और गुट में एक अहम भूमिका निभाई, जहाँ वो उसके सर्वोच्च धार्मिक अधिकारी थे और आईएस के नेताओं और चरमपंथियों को मार्गदर्शन दिया करते थे.

अमरीकी सेना का कहना है कि बिनाली की मौत 31 मई को पूर्वी शहर मयादीन में एक हवाई हमले में हुई.

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