अमरीका ने ब्राज़ीली बीफ़ पर बैन लगाया

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अमरीका के कृषि विभाग ने गुरुवार को खराब गुणवत्ता के चलते ब्राज़ील से आने वाले बीफ़ पर प्रतिबंध लगा दिया है.

बीफ़ निर्यात के मामले में ब्राज़ील दुनिया का सबसे बड़ा देश है. लेकिन बीते मार्च में कई देशों ने ब्राज़ील के बीफ़ पर बैन लगा दिया था.

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हालांकि, अमरीका ने मार्च में ब्राज़ील के बीफ़ पर बैन लगाने की जगह इसकी जांच करना शुरू कर दिया था.

इसके बाद अब अमरीकी कृषि विभाग ने कहा है, "खाद्य सुरक्षा एवं जांच सेवा ने पिछले तीन महीनों में ब्राज़ील से आने वाले 11 फ़ीसदी बीफ़ को लेने से मना कर दिया है. ये आंकड़ा दुनियाभर से आने वाले मांस के रिजेक्शन रेट एक फ़ीसदी से कहीं ज़्यादा है."

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अमरीकी कृषि विभाग के सचिव सोनी पर्डू ने इस फैसले पर कहा, "अमरीका की खाद्य आपूर्ति का सुरक्षित होना हमारे लिए सबसे अहम है और हम इसे बेहद गंभीरता से लेते हैं. हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार अमरीकी कृषि विभाग का एक महत्वपूर्ण अंग है और हम लंबे समय से ब्राज़ील के साथ जुड़े हुए हैं. लेकिन हमारी पहली प्राथमिकता अमरीकी उपभोक्ताओं की सुरक्षा करना है. और, ब्राज़ील से आने वाले ताज़ा बीफ़ के आयात को रोककर हमनें यही किया है."

क्या है पूरा मामला?

ब्राज़ील की सरकार ने बीती 17 मार्च की सुबह दो साल की जांच के बाद छह राज्यों में 'ऑपरेशन वीक फ़्लेश' शुरू किया था. इस ऑपरेशन में एक हज़ार अधिकारियों ने 194 ठिकानों पर छापेमारी की.

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इन अधिकारियों ने स्वास्थ्य निरीक्षक और राजनेताओं को रिश्वत देकर अपने उत्पादों के लिए जरूरी सर्टिफिकेट लेने का आरोप लगाया था.

इन्होंने ब्राज़ील की 30 कंपनियों पर अस्वस्थ तौर तरीके अपनाने के आरोप लगाए थे. इनमें दुनिया का सबसे बड़ा बीफ़ निर्यात जेबीएस और मुर्गी मांस का सबसे बड़ा निर्यातक बीआरएफ़ भी शामिल हैं.

जेबीएस का सालाना कारोबार 55 अरब डॉलर है और यह 150 देशों में फैला हुआ है.

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इसके बाद ब्राज़ील के निर्यातकों पर बैन लगाया गया लेकिन सरकार की कार्रवाई के बाद इस बैन को हटा लिया गया था.

लेकिन अब विशेषज्ञों का मानना है कि इस अमरीकी प्रतिबंध का ब्राज़ील की बीफ़ इंडस्ट्री पर बेहद नकारात्मक असर पड़ेगा.

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