संयुक्त अरब अमीरात की नई धमकी, या तो हमें चुनो या फिर क़तर को

दोहा सिटी इमेज कॉपीरइट PATRICK BAZ/AFP/GettyImages

क़तर से राजनयिक और व्यापारिक संबंध तोड़ने वाले अरब और खाड़ी के देश उस पर और अधिक प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं.

ये बात रूस में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत उमर ग़ोबाश ने ब्रिटिश अखबार गार्डियन को दिए एक इंटरव्यू में कही.

अमीराती राजदूत ने बताया कि नए प्रतिबंधों में इस बात की संभावना भी है कि क़तर विरोधी अरब देश अपने व्यापारिक सहयोगियों से ये कहें कि वे या तो क़तर को चुनें या फिर उन्हें.

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और बहरीन ने क़तर पर चरमपंथ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

उन्होंने क़तर को ईरान से रिश्ते तोड़ने और अल जज़ीरा न्यूज़ चैनल बंद करने करने के लिए भी कहा है.

सऊदी अरब की मांगों पर क़तर के साथ अमरीका

क़तर ने दिया सऊदी अरब को दो टूक जवाब

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
क़तर संकट आगे क्या होगा?

क़तर पर प्रतिबंध

क़तर ने इन आरोपों से इनकार किया है और अरब जगत में विरोधी मुल्कों की मांगों को गैरवाजिब कहा है.

राजनयिक संबंध खत्म करने वाले देशों में हैं सउदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, यमन और लीबिया शामिल हैं.

सऊदी अरब, यूएई, मिस्र और बहरीन से क़तर के लिए हवाई, ज़मीनी और समुद्री रास्ते बंद कर दिए गए.

इस विवाद में कतर के खिलाफ कार्रवाई करने वाले सभी अरब देशों के अमरीका के साथ अच्छे रिश्ते हैं.

दूसरी तरफ, अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टलरसन का यही कहना है कि क़तर पर प्रतिबंध हटाने के लिए चार अरब देशों की ओर से रखी गई शर्तों में से कुछ को पूरा करना मुश्किल है.

अल जज़ीरा से इतनी नफ़रत क्यों करता है सऊदी अरब

क़तर संकट: आग भड़कते ही अमरीका ने खींचे हाथ

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)