अमरीका ने उ. कोरिया के मिसाइल टेस्ट की पुष्टि की

उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी पर इस मिसाइल टेस्ट की तस्वीरें जारी की गईं इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी पर इस मिसाइल टेस्ट की तस्वीरें जारी की गईं

अमरीका ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने जापान सागर में जो मिसाइल टेस्ट किया है वो एक इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल थी.

अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन ने इसे अमरीका और "दुनिया के लिए एक नया ख़तरा" बताते हुए चेतावनी दी है कि अमरीका कभी भी एक "परमाणु-लैस उत्तर कोरिया को स्वीकार नहीं करेगा".

उत्तर कोरिया ने इससे पहले इससे पहले मंगलवार को कहा था कि उसने पहली बार एक इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है.

अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि उत्तर कोरिया अब अलास्का तक मिसाइल हमला कर सकता है.

हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसका निशाना सटीक नहीं हो सकता.

उत्तर कोरियाई मिसाइल से अमरीका को कितना ख़तरा

उत्तर कोरिया का ICBM मिसाइल परीक्षण का दावा

इमेज कॉपीरइट Getty Images

उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट की ख़बर आने के कुछ ही घंटे बाद अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की माँग की.

समझा जाता है कि बुधवार 5 जुलाई को बंद कमरे में 15 सदस्यों वाली परिषद की एक बैठक करवाई जाएगी.

अमरीकी विदेश मंत्री ने इस बारे में एक बयान जारी किया है जिसमें लिखा है, "अमरीका उत्तर कोरिया के इंटरकॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट करने की कड़ी निन्दा करता है.

"इस मिसाइल का परीक्षण करने से अमरीका, हमारे सहयोगियों, इस क्षेत्र और सारी दुनिया के लिए ख़तरा और बढ़ गया है."

उन्होंने ज़ोर दिया कि इस "वैश्विक ख़तरे को रोकने के लिए वैश्विक कार्रवाई किया जाना ज़रूरी है".

उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा कोई भी देश जिसने उत्तर कोरिया को आर्थिक और सैन्य मदद दी हो या जिसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को पूरी तरह पालन ना किया हो, वो "एक ख़तरनाक शासन की मदद कर रहा था और उसके साथ मिला हुआ था".

इमेज कॉपीरइट KCNA/REUTERS
Image caption उत्तर कोरियाई टीवी का कहना है कि किम जोंग उन ने मिसाइल टेस्ट का निरीक्षण किया

उत्तर कोरिया ने क्या कहा था?

उत्तर कोरिया के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक उत्तर कोरियाई राष्ट्रपति किम जोंग उन की मौजूदगी में हाउसोंग-14 मिसाइल का परीक्षण किया गया.

इसमें ये भी बताया गया कि मिसाइल 2,802 किलोमीटर की दूरी तय करने में कामयाब रहा और समुद्र में टारगेट को निशाना बनाने से पहले उनसे 933 किलोमीटर की दूरी भी तय की.

ये पहला मौका है जब उत्तर कोरिया ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) की सफलतापूर्वक परीक्षण करने का दावा किया है.

उत्तर कोरिया का दावा है कि इस मिसाइल के ज़रिए वो अब अमरीका के ज़मीनी इलाक़े तक मार करने में सक्षम हो गया है.

इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) क्या है?

लंबी दूरी तय करने वाला मिसाइल, जो ख़ास तौर पर परमाणु हथियार के लिए डिज़ाइन किया जाता है.

इस मिसाइल कम से कम 5,500 किलोमीटर तक निशाना लगा सकता है और निशाना लगाने से पहले ये 10 हज़ार किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है.

उत्तर कोरिया ने दो तरह के इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का डिसप्ले किया है- पहला तो केएन-08 है, जिसकी रेंज 11,500 किलोमीटर की है और दूसरी मिसाइल का रेंज 10,000 किलोमीटर है.

उत्तर कोरिया के सामने दूसरी चुनौती इस मिसाइल के लिए परमाणु हथियार विकसित करने की है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)