क़ुरान शिक्षक ने किया बच्चियों का शोषण, 13 साल की जेल

इमेज कॉपीरइट Wales News Service

ब्रिटेन में क़ुरान पढ़ाने वाले एक पूर्व शिक्षक को बच्चियों के साथ यौन शोषण के आरोप में 13 साल की सज़ा दी गई है.

कार्डिफ़ के 81 वर्षीय हाजी सादिक़ ने 30 सालों तक कार्डिफ़ मदीना मस्जिद में इस्लाम की तालीम दी और इस दौरान सज़ा के नाम पर चार बच्चियों का यौन शोषण किया.

अदालत में सुनवाई के दौरान तर्क दिया गया कि सादिक़ ने अपने पद का फ़ायदा उठाया.

उन्हें 13 साल से कम उम्र की बच्चियों को छूने के आठ यौन अपराधों का दोषी पाया गया जबकि छह अश्लील हरकतों के आरोपों में दोषी पाया गया.

सादिक़ ने सभी आरोपों को नकारते हुए इसके पीछे मस्जिद में चल रही राजनीति को बताया है.

पोप के करीबी अधिकारी पर यौन शोषण का आरोप

इवांका-केनेडी के स्कूल में सालों तक यौन शोषण

लेकिन उन्हें सज़ा सुनाते हुए जज स्टीफ़न हॉपकिंस ने कहा, "बच्चियाँ आपको सम्मान से चाचा कहती थीं. मेरी समझ में आप बहुत चालाक आदमी हैं."

जज ने कहा, "आपकी लिबास के पीछे एक काला पक्ष भी है."

इमेज कॉपीरइट Getty Images

सादिक़ ने 1996 से 2006 के बीच वुडविले रोड मस्जिद में अंशकालिक इमाम रहते हुए 13 साल से कम उम्र की दो बच्चियों को ग़लत तरीके से छूकर शोषण किया.

लड़कियों के क़ुरान पढ़ने में ग़लती करने पर उनका शोषण किया जाता और उन्हें छड़ी से मारा भी जाता.

कुछ पीड़ित लड़कियों का कहना है कि शोषण की वजह से उन्हें मस्जिद जाते हुए डर लगता था.

'सम्मान की बात'

एक पीड़ित ने ये भी कहा है कि शोषण के कारण उसने अपनी जान लेने की कोशिश भी की थी.

एक पीड़िता ने अदालत में कहा कि मस्जिद में जो हो रहा था वो उसके बारे में बात करने उसकी संस्कृति में अस्वीकार्य था.

उसने कहा, "जब मैंने अपनी मां को बताया और वो मान गईं तो मैंने जो राहत महसूस की थी मैं उसे आज भी याद करती हूं."

उसने कहा, "मेरे परिवार में सम्मान बहुत अहम है लेकिन मेरे परिवार ने पूरा सहयोग किया."

वेल्स की मुस्लिम परिषद की प्रवक्ता ने कहा, "हम उन युवतियों के साहस और हौसले को सलाम करते हैं जिन्होंने मामले को अंजाम तक पहुंचाया और न्याय हासिल किया."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे