विश्व बैंक: तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में भारत चौथे नंबर पर

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साल 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट का सामना पूरी दुनिया ने एक साथ किया था, लेकिन इससे उभरने की रफ़्तार तमाम देशों की अलग-अलग रही है.

कुछ देश ऐसे हैं जिनकी आर्थिक वृद्धि दर हैरान करने वाली है. इनमें से कुछ देश एशिया के हैं और कुछ अफ़्रीका के भी हैं.

विश्व बैंक के अनुमान के हिसाब से साल 2017 में इन देशों की जीडीपी 6.9 प्रतिशत से लेकर 8.3 प्रतिशत के बीच रहेगी.

जबकि विश्व आर्थिक फ़ोरम के एक वैश्विक आर्थिक अध्ययन में जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक़, विश्व स्तर पर औसतन 2.7% की जीडीपी दर का ही अनुमान है. और तो और लातिन अमरीकी और कैरेबियाई देशों में औसत वृद्धि केवल 0.8% होगी.

ये अर्थव्यवस्थाएं बेहतर प्रदर्शन करेंगी

आर्थिक अध्ययन और अनुमान के आधार पर विश्व बैंक ने एक फ़ेहरिस्त जारी की है कि कौन सी अर्थव्यवस्थाएं साल 2017 में बेहतर प्रदर्शन करेंगी.

इथियोपिया

यह अफ़ीकी देश इस लिस्ट में पहले नंबर पर है. अंदाज़ा है कि इथियोपिया की जीडीपी साल 2017 में 8.3 प्रतिशत रहेगी.

इससे इथियोपिया के सर्विस सेक्टर और कृषि क्षेत्र में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है. हालांकि, विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि इस दौरान इथोपिया का सार्वजनिक ऋण 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है.

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उज़्बेकिस्तान

मध्य एशिया का यह एकमात्र देश है जो पहले दस में अपनी जगह बना पाया है. विश्व बैक के मुताबिक़, साल 2017 में उज़्बेकिस्तान की वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहेगी.

इससे उज़्बेकिस्तान के इंडस्ट्री, कृषि और पब्लिक सर्विस को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों को मदद मिलेगी.

उज़्बेकिस्तान दुनिया के सबसे ज़्यादा कपास उत्पादक देशों में सातवें नंबर पर है. इसके अलावा उज़्बेकिस्तान गोल्ड और नेचुरल गैस का निर्यात करने वाले प्रमुख देशों में भी है.

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Image caption उज़्बेकिस्तान दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है.

नेपाल

अप्रैल, 2015 में भूकंप की त्रासदी झेल चुके नेपाल में करीब नौ हज़ार लोग मारे गए थे. इससे नेपाल की अर्थव्यवस्था को करारी चोट लगी थी और पर्यटन में भी गिरावट आई थी. साल 2016 में नेपाल की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत थी.

लेकिन विश्व बैंक के मुताबिक़, साल 2017 में नेपाल की वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहेगी. यह भी अनुमान है कि नेपाल के भारत से संबंध सुधरेंगे, व्यापार बढ़ेगा और पुनर्वास का काम भी पूरा हो जाएगा.

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भारत

संभावित रूप से तेज़ आर्थिक वृद्धि कर रहे देशों की विश्व बैंक की फ़ेहरिस्त में भारत चौथे नंबर पर है.

विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार साल 2017 में भारत की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. इसका सबसे बड़ा कारण देश के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश को माना जा रहा है. साथ ही माना जा रहा है कि इस साल बारिश का मौसम ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और खपत को बढ़ावा देगा.

भारत के बाद टॉप-10 देशों की इस लिस्ट में तंज़ानिया, जिबूती, लाओस, कंबोडिया, फ़िलिपींस और बर्मा क्रमश: आते हैं.

दिलचस्प बात यह है कि साल 2017 में संभावित तेज़ आर्थिक वृद्धि करने वाले देशों की विश्व बैंक की इस लिस्ट में चीन का नाम पहले 10 में नहीं है.

विश्व बैंक का अनुमान है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, चीन की साल 2017 में जीडीपी दर 6.5 प्रतिशत रहेगी और इस लक्ष्य को हासिल करने में चीन को सबसे ज़्यादा मदद निर्यात की वसूली से होगी.

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