उर्दू प्रेस रिव्यूः 'नवाज़ शरीफ़ के जाने के डर से भारत परेशान'

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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो जेआईटी की रिपोर्ट से जुड़ी ख़बरें पूरे हफ़्ते हर तरफ़ छाईं रहीं.

जेआईटी यानी संयुक्त जांच कमेटी ने इस हफ़्ते अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार से जुड़े पनामा लीक्स मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था जिसने अपनी रिपोर्ट सोमवार को अदालत को सौंप दी.

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार कमेटी ने प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार की दौलत और उनकी आय के स्रोत में काफ़ी फ़र्क़ पाया है.

इसी बुनियाद पर विपक्षी पार्टियां कह रही हैं कि कमेटी ने पूरे शरीफ़ परिवार को भ्रष्टाचार के कई मामलों में शामिल पाया है.

जेआईटी की रिपोर्ट सौंपने के बाद से ही पाकिस्तानी सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

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विपक्षी पार्टियां नवाज़ शरीफ़ से इस्तीफ़े की मांग कर रही हैं तो नवाज़ शरीफ़ की पार्टी कह रही है कि नवाज़ शरीफ़ के इस्तीफ़े का सवाल ही पैदा नहीं होता है.

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते इसके अलावा शायद ही कोई दूसरी बड़ी ख़बर कहीं दिखी हो.

'आख़िर तक लड़ूंगा'

नवाज़ शरीफ़ के बयान के हवाले से अख़बार जंग ने सुर्ख़ी लगाई है, ''आख़िर तक लड़ूंगा.''

जंग लिखता है कि नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि पाकिस्तान को पीछे धकेला जा रहा है, लेकिन वो ऐसा होने नहीं देंगे.

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शरीफ़ का कहना था, ''अवाम के लिए आख़िरी दम तक लड़ूंगा लेकिन इस्तीफ़ा नहीं दूंगा. दिल करता है सबकुछ कह दूं. ऐसा वक़्त ज़रूर आएगा. मैंडेट पर ये तीसरा हमला है.''

मुस्लिम लीग (नून) की संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए नवाज़ शरीफ़ ने ये बातें कहीं.

अख़बार एक्सप्रेस ने लिखा है कि मुस्लिम लीग (नून) पार्टी ने एकमत से कहा कि जेआईटी की रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा है. पार्टी ने नवाज़ शरीफ़ से अपील की है कि वो डटे रहें.

किसी सूरत में इस्तीफ़ा नहीं

नवा-ए-वक़्त के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ़ ने काफ़ी कड़े लहजे का इस्तेमाल करते हुए विपक्षी पार्टियों को लोकतंत्र को बेचने वाला क़रार दिया है.

अख़बार के अनुसार नवाज़ शरीफ़ का कहना था, ''लोकतंत्र को बेचने की षडयंत्र रचने वालों के कहने पर किसी सूरत में इस्तीफ़ा नहीं दूंगा.''

अख़बार नवा-ए-वक़्त ने विपक्षी पार्टियों की बैठक को पहली ख़बर बनाया है.

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अख़बार लिखता है कि विपक्ष की सात पार्टियों ने प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से इस्तीफ़े की मांग की है. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और इमरान ख़ान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी समेत सात पार्टियों ने कहा है कि संसद को भंग नहीं किया जाए, लेकिन प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

नवा-ए-वक़्त ने इमरान ख़ान के एक बयान को भी सुर्ख़ी लगाई है.

बन रहा है नया पाकिस्तान

इमरान ख़ान के एक बयान के हवाले से अख़बार लिखता है, ''नया पाकिस्तान बनते देख रहा हूं. पार्टी कार्यकर्ता इस्लामाबाद आने के लिए तैयार रहें.''

वहीं एक्सप्रेस ने मरियम नवाज़ के एक बयान के हवाले से लिखा है, ''जेआईटी का काम जारी रखना, अदालत की तौहीन है.''

अख़बार जंग ने एक संपादकीय लिखा है जिसका शीर्षक है, ''सत्ता से अलग होने का वक़्त.''

जंग के दूसरे संपादकीय में ब्रितानी अख़बार 'द इकोनोमिस्ट' के एक लेख का हवाला दिया गया है.

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उस लेख के हवाले से अख़बार लिखता है कि इस रिपोर्ट ने पाकिस्तानी राजनीति में हलचल मचाई हुआ है. अख़बार आगे लिखता है, ''अच्छा हुआ कि जमा हुआ पानी बहने लगा है और अब ये पाक-साफ़ भी हो जाएगा.''

इमरान ख़ान ने इस मामले में भारत को भी घसीट लिया है.

एक्सप्रेस के अनुसार इमरान ख़ान का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ के जाने के डर से भारत परेशान है.

अख़बार लिखता है, वहां (भारत) कोहराम मचा है कि कहीं उनका दोस्त (नवाज़ शरीफ़) न चला जाए और पाक फ़ौज मज़बूत न हो जाए. इमरान ख़ान ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ के जाने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सेना मज़बूत होगी जो कि भारत नहीं चाहता है.

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