सुप्रीम कोर्ट से अयोग्य ठहराए जाने के बाद नवाज़ शरीफ़ ने दिया इस्तीफ़ा

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पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को पनामा लीक्स मामले में दोषी क़रार दिया है. जिसके बाद वे प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य हो गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद नवाज़ शरीफ़ ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

इस फ़ैसले के बाद नवाज़ शरीफ़ को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना होगा. उन्हें काला धन जमा करने के आरोप में दोषी ठहराया गया है.

कोर्ट ने कहा है कि जवाबदेही अदालत इस मामले में छह महीने के भीतर फैसला सुनाएं.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एजाज़ हसन, जस्टिस एजाज़ अफ़जल, जस्टिस सईद शेख, जस्टिस आसिफ़ सईद खोसा और जस्टिस गुलज़ार अहमद की पांच सदस्यीय बेंच ने नवाज़ को दोषी क़रार दिया हैं.

जस्टिस खोसा और जस्टिस गुलजार पनामा के शुरुआती निर्णय में प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को पहले ही अयोग्य क़रार दे चुके हैं जबकि शेष तीनों जजों ने इस मामले में आगे की जांच का आदेश दिया था. लेकिन अब पांचों ने एक सुर में नवाज़ को दोषी ठहराया है.

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पनामा पर फ़ैसला
  • सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने नवाज़ के अलावा उनकी बेटी और दामाद को भी दोषी ठहराया है.
  • नवाज़ शरीफ़ पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं.
  • पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक मुल्क के प्रधानमंत्री का सच्चा और ईमानदार होना क़ानूनी तौर पर अनिवार्य है लेकिन कोर्ट के फ़ैसले के बाद नवाज़ शरीफ़ सच्चे और ईमानदार नहीं रहे.
  • इस वजह से नवाज़ शरीफ़ अब दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं.
  • अतीत में परवेज़ मुशर्रफ के तख़्तापलट के बाद नवाज़ शरीफ़ को प्रधानमंत्री के साथ-साथ देश भी छोड़ना पड़ा था.

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कोर्ट का फ़ैसला

इस मामले में शुरुआती फ़ैसले के बाद ही संयुक्त जांच टीम गठित की गई जिसने 10 जुलाई को अपनी रिपोर्ट पेश की थी.

विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के अध्यक्ष इमरान ख़ान पनामा केस में याचिका दायर करने वालों में से एक हैं.

इमरान ख़ान ने पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि इस मामले का फ़ैसला जल्द से जल्द सुनाया जाए.

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