वेनेज़ुएला के चुनाव में राष्ट्रपति मदुरो की जीत को अमरीका ने कहा 'शर्मनाक'

नेशनल असेंबली के नतीजों में जीत के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption नेशनल असेंबली के नतीजों में जीत के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो

वेनेज़ुएला के विवादित नेशनल असेंबली चुनाव में राष्ट्रपति निकोलस मदुरो की जीत हुई है.

चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि चुनाव में 41.5 फ़ीसदी वोट पड़े. उधर रविवार को हुए इस हिंसाग्रस्त चुनाव को अमरीका ने शर्मनाक करार दिया.

गौरतलब है कि मतदान के दिन हिंसा और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और इस दौरान कम से कम 10 लोगों की मौत हुई.

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को इस जीत के बाद संविधान को फिर से लिखने के लिए पीठ का गठन करने का अधिकार मिल गया.

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Image caption वेनेजुएला की नेशनल असेंबली

तानाशाही की ओर कदम

वेनेज़ुएला को चुनावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है.

और वहां के तेल उद्योगों को निशाने पर रखते हुए रविवार को अमरीका ने कहा कि वो नए प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है.

अमरीका ने पहले से ही मदुरो की सरकार के 13 सदस्यों पर प्रतिबंध लगा रखा है. अमरीकी विदेश विभाग ने कहा कि वो इस मसले पर तेजी से कार्रवाई करेगा.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निकी हेली ने चुनाव के नतीजों को ख़ारिज करते हुए इसे 'शर्मनाक चुनाव' और 'तानाशाही की ओर कदम' बताया.

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चुनाव 'फ़र्जी', मौतें 'नरसंहार'

मानवाधिकार के मसले को लेकर ब्राजील, अर्जेंटीना, पराग्वे और उरुग्वे ने पहले से ही आर्थिक समूह मर्कोसर से वेनेज़ुएला को बाहर कर रखा है.

वेनेज़ुएला में विपक्ष ने इस चुनाव को मानने से इंकार कर दिया है और कहा है कि वो आगे भी विरोध जारी रखेगी.

बुधवार को विपक्ष ने राजधानी कराकास में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने की योजना बनाई है.

विपक्षी के नेता हेनरिक केपरिल्स ने कहा, 'हम इस फ़र्जी तरीके को नहीं मानते.' उन्होंने रविवार को चुनाव के दौरान हुई मौतों को 'नरसंहार' करार दिया.

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मतदान के दौरान हिंसा

कराकास से बीबीसी संवाददाता विल ग्रांट ने कहा, 'चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बावजूद राष्ट्रपति मदुरो के लिए वेनेज़ुएला के राजनीतिक माहौल में सरकार चला पाना उनके लिए चुनौती साबित होगा.'

सरकारी प्रतिबंधों के बावजूद रविवार के चुनाव में सरकार विरोधी तत्व गलियों में फैल गए थे. पश्चिमी राज्य ताचिरा में कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की सूचना मिली. इनमें दो नाबालिग शामिल हैं.

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्वोत्तर कुमाना शहर में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के युवा सचिव की भी गोली लगने से मौत हो गई जबकि बोलिवर में तो चुनाव लड़ रहे एक 39 वर्षीय वकील की गोली लगने से मौत हो गई.

राजधानी कराकास में एक प्रदर्शन के दौरान हुए विस्फोट में कई पुलिस अधिकारी घायल हुए और कई मोटरसाइकिलों में भी आग लग गई.

सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बख़्तरबंद गाड़ियों का प्रयोग किया.

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क्यों कराए गए चुनाव?

राष्ट्रपति मदुरो संविधान में बदलाव या नया संविधान लागू करने के लिए नई नेशनल असेंबली का गठन चाहते थे.

उन्होंने कहा कि नई नेशनल असेंबली 'सुलह और शांति' को बढ़ावा देगी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि संविधान को फिर से लिखना इस बड़े उद्देश्य को पाने में कैसे मददगार होगा.

उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल असेंबली ध्रुवीकृत देशों के साथ भी बातचीत की पहल करेगी.

विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रपति मदुरो सत्ता पर लंबे समय तक बने रहने के साथ ही भविष्य में चुनावों को टालना भी चाहते हैं.

पूर्व सुधारवादी राष्ट्रपति उगो शावेज़ के कुछ वफादार भी इससे नाखुश हैं क्योंकि वो 1999 में लिखित गए पुराने संविधान को बहुमूल्य समझते हैं.

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चुनाव आयोग के अध्यक्ष टिबिसे लुसेना के अनुसार करीब 3 करोड़ 20 लाख की आबादी वाले वेनेज़ुएला में रविवार को हुए इस चुनाव के दौरान 80 लाख से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया.

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