अमरीका: अबॉर्शन चाहने वाली लड़कियों पर बोझ डालने वाला कानून ख़त्म

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अमरीकी प्रांत अलाबामा में एक फेडरल जज ने उस कानून को रद्द कर दिया है, जिसके तहत मां-पिता की इजाज़त के बिना गर्भपात चाहने वाली लड़कियों को ट्रायल जैसी 'कानूनी प्रक्रिया' से गुज़रना पड़ता था.

2014 के इस कानून के तहत अजन्मे भ्रूण को एक पक्ष माना जाता था और वकीलों को उस भ्रूण की तरफ से गर्भपात की अर्ज़ी के ख़िलाफ़ पैरवी करने की इजाज़त होती थी. स्थानीय अधिकारियों को लड़की की उम्र सुनिश्चित करने के लिए गवाहों को बुलाने की भी इजाज़त थी. इसके आधार पर यह तय किया जाता था कि लड़की क्या यह फैसला लेने के लिए परिपक्व है.

शुक्रवार को अमरीकी मजिस्ट्रेट जज सूज़न रस वॉकर ने फ़ैसला दिया कि इस कानून ने एक नाबालिग पर 'नाजायज़ बोझ' डाला और उसकी निजता के अधिकार का हनन किया.

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इस कानून का विरोध कर रही अमरीकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन ऑफ अलाबामा ने कहा कि प्रत्येक प्रांत जहां गर्भपात के लिए मां-पिता की इजाज़त की ज़रूरत होती है, वहां इसका एक 'कानूनी रास्ता' भी होना चाहिए, ताकि लड़कियों को समय से और प्रभावशाली, गोपनीय तरीके से जज की मंजूरी मिल सके.

इसके विरोध में प्रांत ने दलील दी कि यह कानून लड़की की उम्र सुनिश्चित करने के लिए एक अर्थपूर्ण तहक़ीक़ात मुहैया कराता था. जज ने कहा कि ऐसा कोई कानून किसी और प्रांत में हो, इससे वह अवगत नहीं हैं.

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