विमान गुजरा, 10 मिनट बाद गिरी मिसाइल

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उत्तर कोरिया की ओर से दागी गई एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल एयर फ्रांस के विमान के काफी करीब थी.

अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह मिसाइल गिरी, वहां से करीब दस मिनट पहले ही ये विमान गुजरा था.

जापान की राजधानी टोक्यो से पेरिस जा रहे इस विमान में 330 से अधिक यात्री सवार थे.

हालांकि एयर फ्रांस का कहना है कि उसका विमान ख़तरे की जद में नहीं था, लेकिन सावधानी के तौर पर उसने नो फ्लाइंग ज़ोन का दायरा उत्तर कोरिया के आसपास तक बढ़ा दिया है.

जापान और अमरीका की ओर से जाहिर अनुमान के मुताबिक मिसाइल इस विमान से 100 से 150 किलोमीटर के करीब थी.

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Image caption फाइल

अमरीका के अधिकारी इस क्षेत्र में कॉमर्शियल विमानों को मिसाइलों के ख़तरे के बारे में लगातार आगाह करते रहे हैं.

बोइंग 777 के उड़ान मार्ग से जाहिर होता है कि जिस वक्त ये विमान जापान के होकाइडो द्वीप के पश्चिम में था तब उत्तर कोरिया की मिसाइल हवा में थी.

अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन का कहना है कि ये मिसाइल व्यस्त हवाई क्षेत्र से होकर गुजरी.

पेंटागन के प्रवक्ता कैप्टन जेफ डेविस ने बताया, " इसे आसमान में दागा गया और ये जापान के इकॉनोमिक ज़ोन में गिरी. ये इलाका वाणिज्यिक पोतों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं के इस्तेमाल में आता है. "

एयर फ्रांस का कहना है कि मिसाइल कभी भी विमान के उड़ान के रास्ते में नहीं आई थी और शुक्रवार की सेवा बिना किसी दिक्कत के रही.

जुलाई 2014 में मलेशिया एयरलाइन्स की फ्लाइट एमएच 17 से पूर्वी यूक्रेन में कथित तौर पर रूस में बनी बक मिसाइल टकरा गई थी. इससे विमान में सवार सभी 283 यात्रियों की मौत हो गई थी. ये विमान एम्सटर्डम से कुआलालंपुर जा रहा था.

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