पाकिस्तान उर्दू प्रेस रिव्यूः 'कश्मीर के लोगों को जारी रहेगी नैतिक मदद'

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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो इस हफ़्ते नवाज़ शरीफ़ के इस्तीफ़े के बाद के हालात और इमरान ख़ान पर उनकी ही पार्टी की एक महिला की ओर से उन पर लगाए गए इलज़ाम से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात पाकिस्तान के नए मंत्रिमंडल की.

भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की सुनवाई के बाद पिछले हफ़्ते पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की संसद सदस्यता को रद्द कर दिया था जिसके बाद नवाज़ शरीफ़ ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

उनके इस्तीफ़े के बाद शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया.

शुक्रवार को 43 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई.

शाहिद ख़ाकान अब्बासी जिन्हें नवाज़ शरीफ़ जेल में ही छोड़ गए थे

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अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार ख़्वाजा आसिफ़ को विदेश मंत्री, अहसन इक़बाल को गृहमंत्री, इस्हाक़ अहमद डार को वित्त मंत्री और ख़ुर्रम दस्तगीर को रक्षा मंत्री बनाया गया है.

पिछले मंत्रिमंडल में सबसे अहम मंत्रियों में से एक गृहमंत्री चौधरी निसार अली को इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने ख़ुद ही मंत्रिमंडल में शामिल न होने की इच्छा जताई थी.

शपथग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी ने मंत्रिमंडल की बैठक की.

नवाज़ पर पूरा विश्वास

अख़बार जंग के अनुसार मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास कर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पर पूर्ण विश्वास जताया.

इस मौक़े पर प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी ने कहा कि भारत प्रशासित कश्मीर के लोगों की पाकिस्तान नैतिक, राजनीतिक, और कूटनीतिक मदद करता रहेगा और हर अंतरराष्ट्रीय फ़ोरम पर भारतीय कश्मीर के लोगों की समस्या को उठाता रहेगा.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार नए मंत्रिमंडल में ज़्यादातर वही लोग हैं जो नवाज़ शरीफ़ मंत्रिमंडल में भी शामिल हैं. लेकिन छह नए कैबिनेट मंत्री और 12 नए राज्य मंत्रियों को शामिल किया गया है.

अख़बार के अनुसार मंत्रिमंडल में पंजाब को ख़ास अहमियत दी गई है जहां से आठ मंत्री बनाए गए हैं.

नवाज़ शरीफ़ को सत्ता से बेदखल करने वाले ये पांच जज

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इस्तीफ़ा देने के बाद नवाज़ शरीफ़ पूरा शक्ति प्रदर्शन करते हुए राजधानी इस्लामाबाद से अपने गृह प्रदेश पंजाब जाएंगे.

अख़बार दुनिया के अनुसार नवाज़ शरीफ़ की लाहौर यात्रा की पूरी तैयारी कर ली गई है.

अख़बार लिखता है कि नवाज़ शरीफ़ अपने हज़ारों समर्थकों के साथ बुधवार नौ अगस्त को इस्लामाबाद से जीटी रोड के ज़रिए लाहौर जाएंगे.

पहले वो रविवार को जाने वाले थे.

मुस्लिम लीग (नवाज़) के हज़ारों कार्यकर्ता उनके क़ाफ़िले के साथ होंगे और रास्ते में पड़ने वाले इलाक़ों से भी उनकी पार्टी के हज़ारों लोग उनका स्वागत करेंगे.

नवाज़ शरीफ़ के हटने से इमरान ख़ान को कितना फ़ायदा?

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इमरान पर आरोप

इसके अलावा इमरान ख़ान से जुड़ी ख़बरें भी इस हफ़्ते सुर्ख़ियां बटोरती रहीं.

पूर्व क्रिकेटर और तहरीक-ए-इंसाफ़ के अध्यक्ष इमरान ख़ान पर उनकी पार्टी की एक महिला सांसद ने आरोप लगाया है कि वो उन्हें कथित तौर पर अश्लील मैसेज भेजते थे.

इमरान ख़ान की पार्टी की एक महिला सांसद आयशा गुलालाई ने पार्टी से ये कहते हुए इस्तीफ़ा दे दिया है कि पार्टी में महिलाओं को उचित सम्मान नहीं मिलता है.

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने पार्टी प्रमुख इमरान ख़ान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वो उन्हें कथित तौर पर अश्लील मैसेज भेजते थे.

लेकिन उन्होंने कोई मैसेज पत्रकारों को नहीं दिखाया और केवल इतना कहा कि साल 2013 में इमरान ख़ान ने उन्हें कथित अश्लील एमएमएस किए थे.

महिला सांसद को अश्लील SMS भेजने के आरोप पर बोले इमरान ख़ान

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लेकिन आयशा गुलालाई के इस बयान के बाद पूरे पाकिस्तान में इस पर बहस छिड़ गई. लोग सोशल मीडिया में अपनी-अपनी राय देने लेगे.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार आयशा गुलालाई ने इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ जांच की मांग की जिसे संसद ने स्वीकार कर लिया है.

अख़बार लिखता है कि स्पीकर ने इमरान ख़ान पर लगे गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक संसदीय समिति का गठन किया है.

ये समिति एक महीने के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट संसद को पेश करेगी.

संसद में इस विषय पर ख़ूब गर्मगरम बहस हुई जिसमें सभी पार्टियों की महिला सांसदों ने जमकर हिस्सा लिया.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सांसद शगुफ़्ता जमानी ने कहा कि आयशा गुलालाई को धमकियां मिल रहीं हैं और उनके मोबाइल को छीनने की साज़िश हो रही है.

उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए और अगर ऐसा होता रहा तो माता-पिता अपनी बेटियों को घर पर बिठा देंगे.

शगुफ़्ता जमानी ने कहा कि जब पनामा लीक्स मामले में जेटीआई बन सकती है तो इस मामले में क्यों नहीं.

मुस्लिम लीग (नवाज़) की मारवी मेमन ने कहा कि आयशा ने जो इलज़ाम लगाए हैं वो बिल्कुल सही हैं और उनकी पार्टी आयशा गुलालाई का इस्तेमाल नहीं कर रही है.

इमरान ख़ान ने संसदीय समिति के गठन के फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार जो चाहे करले भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ उनकी जंग जारी रहेगी.

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