जब उत्तर कोरिया ने अपनी पहली स्कड-बी मिसाइल दागी

उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption 5 जुलाई को उत्तर कोरिया में ह्वासोंग-14 मिसाइल के सफल परीक्षण की तस्वीर

बीते महीनों में उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के साथ-साथ, अमरीका से उसकी तल्ख़ी भी बढ़ती गई है.

समूची दुनिया की दिलचस्पी इसमें रही कि कई बार व्यापारिक प्रतिबंध झेलने और बहुत कम मित्र देश होने के बावजूद उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियार कैसे विकसित कर लिए.

उत्तर कोरिया ने कैसे छोटी मिसाइलों के परीक्षण से सामरिक ताक़त जुटानी शुरू की और फिर कैसे वह लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों तक पहुंचा, ये कहानी 41 साल पहले शुरू होती है.

उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम के अहम पड़ावों पर एक नज़र.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
जापान की नींद उड़ाने वाली मिसाइल

1976-81: सोवियत यूनियन की स्कड-बी मिसाइल और मिस्र के लॉन्च पैड के इस्तेमाल से उत्तर कोरिया ने अपना मिसाइल कार्यक्रम विकसित करना शुरू किया.

1984: उत्तर कोरिया ने अपनी पहली स्कड-बी मिसाइल दागी.

1985: उत्तर कोरिया ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर किए.

1990: उत्तर कोरिया ने अपनी पहली रोडॉन्ग मिसाइल का परीक्षण किया.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption 1992 में उत्तर कोरिया की सालाना परेड में मिसाइलों का प्रदर्शन किया गया था.

1994: उत्तर कोरिया और अमरीके के बीच एक समझौता हुआ जिसमें उत्तर कोरिया अपने पुराने परमाणु रिएक्टर ध्वस्त करने पर सहमत हुआ.

बदले में उसे दो नए रिएक्टर बनाने में अंतरराष्ट्रीय मदद का वादा किया गया.

1998: उत्तर कोरिया ने ताइपेडॉन्ग-1 मिसाइल का परीक्षण किया.

अक्टूबर 2002: अमरीका ने कहा कि उत्तर कोरिया ने एक गुप्त परमाणु हथियार कार्यक्रम चलाना स्वीकार कर लिया है. यह कार्यक्रम 1994 के समझौते का उल्लंघन है.

जनवरी 2003: उत्तर कोरिया परमाणु अप्रसार संधि से पीछे हटा.

अप्रैल 2003: उत्तर कोरिया ने ऐलान किया कि उसके पास परमाणु हथियार हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

2005: छह पक्षों की बातचीत में, उत्तर कोरिया ने कहा कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर देगा, लेकिन बदले में उसे अमरीका, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और रूस से ऊर्जा और आर्थिक सहयोग चाहिए.

जुलाई 2006: उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी की सात से दस ताइपेडॉन्ग-2 मिसाइलों का परीक्षण किया किया, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव पारित करके उत्तर कोरिया से अपने परमाणु कार्यक्रम रोकने की मांग की.

अक्टूबर 2006: उत्तर कोरिया ने दावा किया कि उसने सफलतापूर्वक अपने पहले परमाणु हथियार का परीक्षण कर लिया है, जिसकी क्षमता 1-2 किलोटन टीएनटी की बताई गई.

इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर कई पाबंदियां लगा दीं.

सितंबर 2007: बीजिंग में छह पक्षों की बातचीत में कहा गया कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने का ऐलान करेगा.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
परमाणु हमले की धमकियों के बीच जानिए उत्तर कोरिया और अमरीका की दुश्मनी कब शुरू हुई....

दिसंबर 2008: लेकिन बीजिंग में छह पक्षीय बातचीत गतिरोध के साथ ख़त्म हो गई.

उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अपने संदिग्ध परमाणु स्थलों तक पहुंच देने से मना कर दिया.

2009: उत्तर कोरिया ने उन्हा-2 रॉकेट छोड़ने का दावा किया.

मई 2009: उत्तर कोरिया ने दूसरे परमाणु परीक्षण का ऐलान किया, जिसकी क्षमता 5-12 किलोटन टीएनटी की बताई गई.

जून 2009: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ़ से नई पाबंदियां लगाई गईं.

अक्टूबर 2011: छह पक्षीय बातचीत शुरू करने की प्रक्रिया के संबंध में अमरीका और उत्तर कोरिया के अधिकारी जेनेवा में मिले.

फरवरी 2012: अमरीका ने कहा कि खाद्य सहायता के बदले उत्तर कोरिया लंबी दूरी की मिसाइलों के परीक्षण और परमाणु गतिविधियों को रोकने पर राज़ी हो गया है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption उत्तर कोरिया में उन्हा-3 रॉकेट के लॉन्च स्टेशन पर मौजूद उत्तर कोरियाई सैनिक. अप्रैल 2012 की तस्वीर.

अप्रैल 2012: उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी के उन्हा-3 रॉकेट के प्रक्षेपण की नाकाम कोशिश की. प्रक्षेपण के साथ ही उसके टुकड़े-टुकड़े हो गए और वह समुद्र में जा गिरा.

जनवरी 2013: उत्तर कोरिया ने कहा कि वह लंबी दूरी के रॉकेट प्रक्षेपण और परमाणु परीक्षण जारी रखेगा.

फरवरी 2013: उत्तर कोरिया ने तीसरा परमाणु परीक्षण किया, जिसके बाद उस पर फिर से नई पाबंदियां लगाई गईं.

मार्च 2014: उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया को उकसाते हुए उसकी समुद्री सीमा पर सैकड़ों बम के गोले दागे.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
छोटे से द्वीप पर हमला क्यों करना चाहता है उत्तर कोरिया?

मई 2015: उत्तर कोरिया ने पहली बार पनडुब्बी से मिसाइल छोड़ने के सफल परीक्षण और परमाणु हथियारों का आकार छोटा करने की क्षमता विकसित करने का ऐलान किया. लेकिन इन दावों का शक की नज़र से देखा गया.

जनवरी 2016: उत्तर कोरिया ने कहा कि उसने हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है, लेकिन अमरीका ने इस दावे पर यक़ीन नहीं किया.

मार्च 2016: उत्तर कोरिया ने ऐलान किया कि उसके पास छोटे आकार के परमाणु हथियार हैं.

15 अप्रैल 2016: अमरीका और दक्षिण कोरिया ने दावा किया कि उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल-सुंग के जन्मदिन पर मध्यम दूरी की बताई जा रही मुसुदन-टाइप मिसाइल का परीक्षण नाकाम रहा.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

25 अप्रैल 2016: उत्तर कोरिया ने मीडियम रेंज की दो मुसुदन मिसाइलें दागीं, लेकिन दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के मुताबिक यह परीक्षण भी नाकाम रहा.

मई 2016: दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ ने दावा किया कि उत्तर कोरिया की मध्यम दूरी की मिसाइल का एक और परीक्षण नाकाम हो गया है.

सितंबर 2016: उत्तर कोरिया ने एक परमाणु हथियार के परीक्षण का ऐलान किया. दक्षिण कोरिया ने कहा कि इस धमाके की विस्फोटक क्षमता 10 किलोटन की थी.

अक्टूबर 2016: उत्तर कोरिया ने लॉन्च होते ही धमाका करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
उत्तर कोरिया की छुट्टियां बनी मौत का रास्ता

1 जनवरी 2017: उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने कहा कि उत्तर कोरिया जल्द ही इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण भी करेगा.

12 फरवरी 2017: उत्तर कोरिया ने एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी जो जापान के सागर में जाकर गिरी.

जापानी प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से वाशिंगटन में हुई मुलाक़ात में इस घटना की निंदा की.

6 मार्च 2017: उत्तर कोरिया ने कम से कम चार बैलिस्टिक मिसाइलें जापान की दिशा में छोड़ीं. इनमें से तीन उसी की जल सीमा में और एक बाहर गिरी बताई गई.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन

18 मार्च 2017: उत्तर कोरिया ने एक नए हाई-थ्रस्ट रॉकेट इंजन का परीक्षण किया.

देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने कहा कि इसने देश के रॉकेट कार्यक्रम को 'नया जीवन' दिया है.

5 अप्रैल 2017: दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया जो जापान के सागर में गिरी.

यह परीक्षण चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 6-7 अप्रैल को होने वाले अमरीका दौरे से ठीक पहले किया गया.

14 मई 2017: दक्षिण कोरियाई और अमरीकी सेनाओं के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने राजधानी प्योंगयांग से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित जगह से एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया.

दक्षिण कोरिया में मून जे-इन के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद यह उत्तर का पहला परीक्षण था.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
उ.कोरिया के परमाणु बम बनाने की कहानी

21 मई 2017: उत्तर कोरिया ने मध्यम दूरी की एक बैलिस्टिक मिसाइल का पुकचांग में परीक्षण किया.

29 मई 2017: दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी किनारे से छोटी दूरी की एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया.

8 जून 2017: दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी किनारे से कई एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइलें दागीं.

200 किलोमीटर के बाद यह मिसाइल पानी में गिर गई. इससे पहले 2 जून को संयुक्त राष्ट्र उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियां लगाई थीं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption सिओल में टीवी पर उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण की ख़बर

4 जुलाई 2017: जापान से जापानी सागर और दक्षिण कोरिया जिसे पूर्वी सागर कहता है, वहां के लिए उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की.

इस मिसाइल ने 930 किलोमीटर की दूरी तय की.

इसी दिन, उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने ऐलान किया कि देश ने ह्वासॉन्ग-14 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है.

यह दावा इसी हफ़्ते होने वाले जी-20 सम्मेलन से ठीक पहले किया गया, जहां उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम मुख्य एजेंडे पर होने वाला था.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
उत्तर कोरिया की चुनौती

28 जुलाई 2017: उत्तर कोरिया ने रात में ह्वासोंग-14 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया.

यह मिसाइल अब तक देश की किसी भी मिसाइल से ऊंची और दूर तक गई और फिर दक्षिण कोरिया के पूर्वी सागर में जाकर गिर गई.

उत्तर कोरिया ने ऐलान किया कि अमरीका अब उसकी मारक क्षमता में आ गया है.

5 अगस्त 2017: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियां लगाने का प्रस्ताव पारित हो गया, जिससे चीन ने भी सहमति जताई.

एक अंदाज़े के मुताबिक, इन पाबंदियों से उत्तर कोरिया के निर्यात राजस्व को एक तिहाई की चोट लग सकती है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

9 अगस्त 2017: उत्तर कोरिया ने कहा कि वह अमरीकी पैसिफिक क्षेत्र के द्वीप गुआम पर मिसाइल पर विचार कर रहा है.

सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने कहा कि सेना अगस्त मध्य तक योजना पूरी कर लेगी और किम जोंग-उन की मंजूरी के लिए इसे उनके सामने रखेगी.

25 अगस्त, 2017: उत्तर कोरिया ने कम दूरी तक मार करने वाली तीन बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण की घोषणा की.

दक्षिण कोरिया और अमरीका के अधिकारियों के मुताबिक़ ये परीक्षण ईस्ट सी में किए गए थे. ये मिसाइल उत्तर कोरिया के गांगवान प्रांत के किसी स्थान से दागे गए थे.

अमरीकी सेना के अनुसार इनमें से एक मिसाइल लॉन्च के फौरन बाद 250 किलोमीटर जाकर विस्फोट कर गई.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
पिता के मौत बाद किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की कमान संभाली. कुछ बदला, कुछ अब भी नहीं बदला.

29 अगस्त, 2017: उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से एक मिसाइल दागी.

दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि ये मिसाइल उत्तर प्रशांत महासागर में जापान के होक्काइडो द्वीप के ऊपर से गुजरी.

ये मिसाइल प्योंगयांग के पास से किसी जगह पर पूर्वी दिशा में दागे गए थे.

मिसाइल 2700 किलोमीटर की ऊंचाई तक गया और उसने 550 किलोमीटर की दूरी तय की. विशेषज्ञों का कहना है कि ये मिसाइल ह्वासोंग-12 थी.

3 सितंबर, 2017: उत्तर कोरिया ने कहा कि उसने सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया है. यह उत्तर कोरिया का छठा परमाणु परीक्षण है.

इससे पहले उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी केसीएनए ने बताया कि उत्तर कोरिया ने एक हाइड्रोजन बम विकसित किया है.

और इसे इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइलों के साथ दागा जा सकता है.

(बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की ख़बरें ट्विटर और फेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे