हिरोशिमा की तबाही में शामिल अमरीकी जंगी जहाज 72 साल बाद मिला

अमरीकी जहाज इमेज कॉपीरइट AFP

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापानी पनडुब्बी की चपेट में आकर डूबे बड़े जहाज यूएसएस इंडियानापोलिस को 72 साल बाद प्रशांत महासागर में ढूंढ निकाला गया है.

यह युद्धपोत 18000 फीट (5.5 किमी) नीचे समुद्र की सतह पर मिला.

इंडियानापोलिस अपने सीक्रेट मिशन से लौटते वक़्त नष्ट किया गया. मिशन के तहत वह परमाणु बम डिलीवर करने गया था, जो बाद में हिरोशिमा में इस्तेमाल किए गए थे.

जहाज में मौजूद 1196 लोगों में से महज़ 316 को बचाया जा सका था. अमरीकी नेवी के इतिहास में यह हादसा समुद्र में सबसे ज़्यादा जानें लेने वाला था.

यूएसएस इंडियानापोलिस को 30 जुलाई 1945 को फिलीपींस समुद्र के पास गुआम और लायते के बीच नष्ट किया गया था. जापानी पनडुब्बी ने इसे एक गोला दागकर समंदर में डुबोया था.

इस घटना में करीब 800-900 लोग डूबते जहाज से निकलने में कामयाब रहे, लेकिन इस मामले में कोई इमरजेंसी कॉल कभी रिसीव नहीं हुई.

दुनिया का सबसे बड़ा एटम बम जिसका युद्ध में इस्तेमाल मुश्किल था

इमेज कॉपीरइट PAUL G ALLEN
Image caption जहाज के ढांचे को देखकर रिसर्च टीम को अंदाज़ा हो गया था कि यह इंडियानापोलिस है.

आखिरी सप्लाई

घटना के चार दिन बाद 316 लोग संयोग से ज़िंदा पाए गए. जिस इलाके में ये लोग मिले वह समुद्र का शार्क प्रभावित क्षेत्र था.

ये जहाज महज़ 12 मिनट में डूब गया और किसी भी इमरजेंसी कॉल के न होने की वजह से इसकी लोकेशन पता लगाना लंबे समय तक चुनौती बना रहा.

एलेन की टीम ने 18 अगस्त को जहाज खोज निकाला. नेवी के इतिहासकारों की एक नई रिसर्च में पता चला कि महासागर के इस क्षेत्र में एक जहाज नष्ट होने से एक दिन पहले देखा गया था.

यह जहाज अपने आखिरी सीक्रेट मिशन के लिए चर्चित है. इसमें परमाणु बम ''लिटिल ब्वाय'' के पार्ट्स के साथ इसके न्यूक्लियर रिएक्शन के लिए यूरेनिम फ्यूल भी ले जाया गया था.

विश्व युद्ध के आखिरी साल में ये सप्लाई तिनिआन आइलैंड स्थित अमरीकी बेस में पहुंचाई गई थी, जिससे दुनिया का पहला परमाणु हमला किया गया.

डूबने से पहले इंडियानापोलिस ने हेरोशिमा की तबाही का काम कर दिया था. इसके साथ ''फैट मैन'' नाम का बम नागासाकी में गिराया गया था, जिसके चलते जापान समर्पण को मंजूर हुआ और दूसरा विश्व युद्ध खत्म हुआ.

इमेज कॉपीरइट Paul G Allen
Image caption जहाज पर कुछ जानकारियां लिखी मिलीं जिससे इसकी पहचान करना आसान रहा.

बनेगा स्मारक

ऐलन ने कहा, ''दूसरे विश्व युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले यूएसएस इंडियानापोलिस के बहादुर लोगों और उनके परिवारों को सम्मानित करने के लिए महत्वपूर्ण है.''

''बतौर अमरीकी, हम सब जहाज के क्रू में शामिल रहे लोगों की हिम्मत, जिद और बलिदान के कर्ज़दार हैं.''

सर्च टीम ने अपने बयान में कहा कि यूएसएस इंडियानापोलिस अमरीकी नेवी की संपत्ति रहेगा. इसे अब संरक्षित युद्ध स्मारक माना जाएगा.

जहाज से बचकर वापस आए लोगों में से 22 अभी जीवित हैं. उनके प्रवक्ता ने कहा, ''सभी को इसका इतंज़ार था कि उनका जहाज कब मिलेगा.''

रिसर्च के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ऐलन का जहाज पेट्रेल, खासतौर पर इस मक़सद के लिए बनाया गया है. इसमें 16 क्रू की जगह है.

इसके पहले भी उन्होंने जापानी युद्धपोत मुसाशी और इटली की नेवी के एक जहाज का भी पता लगाया था. दोनों दूसरे विश्व युद्ध के समय समुद्र में डूबे थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे