लेडी डायना की मौत पर 'रो नहीं पाए थे प्रिंस'

लेडी डायना इमेज कॉपीरइट KEVIN LARKIN/AFP/Getty Images

लेडी डायना की ताबूत के पीछे खड़े उनके राजकुमार बेटों की तस्वीर देखना एक मुश्किल भरा काम है. तब पंद्रह साल के रहे प्रिंस विलियम और 12 वर्षीय प्रिंस हैरी के मन में क्या चल रहा होगा, ये अब हम जानते हैं.

हैरी ने बताया कि उन्हें इस बात की 'ख़ुशी' है कि वे कभी सार्वजनिक तौर पर नहीं रोये. विलियम लगातार अपने 'कर्तव्य' का हवाला देते रहे. उन्होंने बताया कि वे ताबूत के पीछे क्यों चले जबकि उनके भीतर से आवाज़ आती रही कि दूर जाकर कहीं खूब रोयें.

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Image caption राजकुमारी डायना के ताबूत के पीछे खड़े प्रिंस चार्ल्स, हैरी और विलियम

लेडी डायना के निधन पर एक ताजा डॉक्यूमेंट्री में दोनों राज कुमारों ने मां की मौत के समय उनके मन में क्या चल रहा था, उन हालात के बारे में बताया है. उस वक्त लोग सदमे में थे और उन्हें पकड़कर फूट-फूट कर रो रहे थे.

प्रिंस ने बताया कि वे क्वीन के साथ रहे और उनके लिए शोक मनाने की प्राइवेसी सुनिश्चित की गई.

इन सब के बीच प्रिंस चार्ल्स की भूमिका के बारे में बहुत कम कहा गया है लेकिन प्रिंस हैरी ने पिता की भूमिका पर रोशनी डाली. उन्होंने कहा, वे हमारे लिए मौजूद थे... उन्होंने अपनी तरफ से सबसे बेहतर करने की कोशिश की...

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राज कुमारों ने मौत से पहले मां की ज़िंदगी के बारे में भी बात की. लेडी डायना किस कदर तनाव में थीं, ये उन्होंने देखा था. वे जब भी घर से बाहर निकलती थीं, फ़ोटोग्राफ़र हर लम्हे को क़ैद करने के लिए इंतज़ार करते रहते थे और लेडी डायना उनसे बचने की कोशिश में लगी रहती थीं.

प्रिंस विलियम ने कहा, "मेरा मतलब झुंड से है, कुत्तों के झुंड ती तरह, वो उनका पीछा करते थे, उन्हें परेशान करते थे, उन पर फब्तियां कसते थे, थूक तक फेंक देते थे, उनका मक़सद था उनकी उस तरह की तस्वीर लेना जिसमें वो फोटोग्राफ़र्स पर ग़ुस्सा निकालती दिख रही हो. उन्हें परेशान दिखा सकें."

'डायना, 7 डेज़' टाइटल वाली डॉक्यूमेंट्री 27 अगस्त को बीबीसी वन पर प्रसारित की जाएगी.

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