बेनज़ीर का दूसरा हमलावर ज़िंदा है या मारा गया?

Image caption अकरमुल्ला मेहसूद (फ़ाइल फ़ोटो)

सबको पता है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता और दो बार प्रधानमंत्री रही बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के कारण सईद उर्फ बिलाल थे जिन्होंने लियाकत बाग़ में बेनज़ीर की कार के पास पहले गोली चलाई फिर खुद को उड़ा लिया था.

लेकिन जांचकर्ता मानते हैं कि निर्दोष लोगों को मारने के लिए एक नहीं बल्कि दो आत्मघाती हमलावर भेजे गए थे.

दूसरा नाम अकरमुल्लाह महसूद बताया गया है, लेकिन सरकारी जांच में साफ़ नहीं है कि वे ज़िंदा हैं या मर चुके हैं.

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बेनज़ीर भुट्टो हत्याकांड मुकदमे के सरकारी वक़ील चौधरी मोहम्मद अज़हर ने बीबीसी को बताया कि जांच के अनुसार अकरमुल्लाह महसूद की मौत हो चुकी है.

लेकिन हाल के दिनों में पंजाब सरकार द्वारा मीडिया में जारी की गई सर्वाधिक वांछितों की सूची में अकरमुल्लाह महसूद का नाम मौजूद है. पंजाब सरकार ने उन्हें ज़िंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 20 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है.

इस सूची में शामिल होने का अर्थ है कि कम से कम पंजाब सरकार उनकी मौत की पुष्टि नहीं करती.

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पंजाब सरकार ने रख रखा है नाम

चौधरी अज़हर ने कहा कि उन्हें जो रिपोर्ट मिली है उसके मुताबिक, अकरमुल्लाह की मौत हो चुकी है, "मेरे पास परिवार और स्थानीय लोक प्रशासन की रिपोर्ट है जिसमें अकरमुल्लाह की मौत की पुष्टि की गई है."

ये रिपोर्ट चालान में शामिल नहीं है, लेकिन उनके पास मौजूद हैं.

यहां पंजाब पुलिस और संघीय जांच एजेंसी (एफ़आईए) की जांच में भी एक अंतर है. एफ़आईए जांच के अनुसार, बेनज़ीर पर हमले के वक़्त दो-दो अलग अलग धमाके किए गए थे, जबकि पंजाब पुलिस के मुताबिक विस्फोट एक ही था जिसे बिलाल ने किया था.

एफ़आईए जांचकर्ताओं की राय में, अकरमुल्लाह दूसरा आत्मघाती हमलावार था जिसने लियाक़त बाग के गेट के पास खुद को उड़ा लिया था. चौधरी अज़हर के अनुसार, दो धमाकों की पुष्टि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से भी हुई है.

कबायली इलाक़े के पत्रकार इश्तियाक़ महसूद की जांच के मुताबिक़, अकरमुल्लाह महसूद जिंदा हैं और अफ़ग़ानिस्तान में कहीं रहते हैं.

इश्तियाक़ के अनुसार, "वो वर्तमान में प्रतिबंधित चरमपंथी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (शहरयार) समूह के साथ अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद हैं. पिछले महीने अफ़ग़ानिस्तान में रमज़ान में एक बड़ा हमला हुआ था जिसमें वो बाल-बाल बच गए थे."

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क्या था ऑडियो टेप में

ऐसी खबरें हैं कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने गिरफ्तारी के लिए पिछले कुछ दिनों में उनके परिवार के कुछ लोगों को हिरासत में लिया था जिसमें उनका 10 महीने का बच्चा और ससुर शामिल थे.

इश्तियाक़ महसूद के मुताबिक, बाद में उन्हें इस शर्त के साथ छोड़ दिया गया कि वो अकरमुल्लाह को आत्मसमर्पण करने के लिए राज़ी करेंगे.

अकरमुल्लाह महसूद का संबंध दक्षिणी वज़ीरिस्तान के मकीन इलाक़े से है. वो बैतुल्लाह महसूद के निकट सहयोगियों में से एक थे और 2007 में गठित एक सक्रिय तहरीक़-ए-तालिबान नेतृत्व के सदस्य थे.

बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद, गृहमंत्री के घर बैतुल्लाह महसूद की किसी व्यक्ति के साथ साथ टेलीफ़ोन पर बातचीत का टेप मीडिया को ज़ारी किया था, उसमें भी अज्ञात व्यक्ति ने बैतुल्लाह को बताया है कि कार्रवाई करने वाले बिलाल और अकरमुल्लाह थे. इस ऑडियो संदेश की पुष्टि भी अदालत के फैसले में होगी.

गृहमंत्री के मुताबिक, बेनज़ीर भुट्टो पर हमले के लिए टीम के पांच लगों की टीम बनाई गई थी. गिरफ्तार संदिग्धों के शुरुआती बयानों के अनुसार, उनमें से दो आत्मघाती हमलावर थे.

25 जनवरी को गिरफ्तार किए गए एक संदिग्ध हसनैन गुल ने अपने बयान में कहा था कि हमले से पहले रावलपिंडी में बिलावल और अकरमुल्लाह, एक और मुल्ज़िम मोहम्मद रफ़ाक़त के घर पर रहे, लेकिन तैयारी हसनैन के घर पर की थी.

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जाने से पहले ये दोनों एक चादर और टोपी पीछे छोड़ गए थे.

डीएनए जांच के लिए इन सारे सामानों को अमरीका भेजा गया था जिससे साबित हुआ कि हसनैन के घर से निकलने वाले दोनों हमलावर लियाक़त बाग़ के उस हमले में मारे गए थे.

उम्मीद है कि दस साल की जांच और क़ानूनी प्रयासों के बाद, अकरमुल्लाह महसूद के ज़िंदा या मारे जाने की स्थिति पर अधिकारी ध्यान देंगे और रिकॉर्ड को सही करने की कोशिश करेंगे.

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